कुलभूषण जाधव को सुरक्षित वापस लाना केन्द्र की जिम्मेदारी: हाईकोर्ट

लखनऊ। पाकिस्तान में भारतीय नागरिक कुलभूषण जाधव को फांसी की सजा दिए जाने पर सोमवार को हाईकोर्ट की लखनऊ बेन्च ने एक जनहित याचिका पर सुनवाई की। इस दौरान अदालत ने कहा कि यह केन्द्र सरकार की जिम्मेदारी है कि वह जाधव को सुरक्षित वापस लाए।

हाईकोर्ट की जस्टिस ए.पी. शाही और जस्टिस संजय हरकौली की बेन्च ने कहा कि किसी भी बेगुनाह भारतीय को बचाना सरकार की जिम्मेदारी होती है। इसलिए केन्द्र सरकार जाधव मामले में मूकदर्शक नहीं बने। नेशनल ओर इंटरनेशनल कानूनी डिप्लोमेसी का सहारा लेकर जाधव को मुक्ता कराने के लिए केन्द्र सरकार को कदम उठाने चाहिए।

इस बीच कुलभूषण जाधव के बेगुनाह होने के बावजूद पाकिस्तान द्वारा उसे फांसी की सजा दिए जाने के विरोध में बार काउंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश ने सोमवार को न्यायिक कार्य से विरत रहकर अधिकारियों को ज्ञापन सौंप कर अपना विरोध जताया।

यूपी बार काउंसिल के अध्यक्ष अनिल प्रताप सिंह ने बताया कि पाकिस्तान की सैन्य अदालत ने अन्तर्राष्ट्रीय मान्यताओं और कानून का गला घोटते हुए निर्दोष भारतीय कुलभूषण जाधव को जासूसी के आरोप में फांसी की सजा सुनाई है। उन्होंने कहा कि इसका विरोध देश में ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया में हो रहा है। इसलिए बार काउंसिल ने भी विरोध करने का फैसला लिया है।
गौरतलब है कि पाकिस्तान ने कुलभूषण जाधव को जासूसी करने के आरोप में फांसी की सजा सुनाई है, जिसका भारत ने कड़ा विरोध किया है। पाकिस्तान ने जाधव को मार्च 2016 में गिरफ्तार किया था। इस मसले को लेकर दोनों देशों के बीच रिश्ते बेहद खराब हो गए हैं।

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