ओडिशा विधानसभा चुनाव की भावी रणनीति तैयार

भुवनेश्वर। भारतीय जनता पार्टी ने ओडिशा में आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर अपनी भावी रणनीति तैयार कर ली है। आगामी चुनावों में बीजद के अभेद्य किले को भेदने के लिए उसने ओबीसी आयोग का कार्ड खेल दिया है। भाजपा नेतृत्व को पता है कि ओडिशा में ध्रुवीकरण की राजनीति सम्भव नहीं है। इसलिए यहां सवर्ण और ओबीसी के मध्य ध्रुवीकरण का प्रयास किया गया है। यहां ओबीसी मतदाताओं की संख्या भी ज्यादा है। इस लिहाज से भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व ने भुवनेश्वर राष्ट्रीय कार्यकारिणी बैठक का ताना-बाना बुना और बैठक के ठीक पूर्व ओबीसी आयोग को संवैधानिक दर्जा दिया गया। इससे साफ़ तौर पर भाजपा को फायदा मिलेगा।

इस बात का जिक्र रविवार को केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक के प्रस्तावों की जानकारी के दौरान किया। ओबीसी आयोग का प्रस्ताव भाजपा सांसद हुकुमदेव नारायण ने रखा और केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने समर्थन किया।

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