एक और भाजपा नेता ने दिया सिंधिया परिवार पर बयान

भोपाल/होशंगाबाद। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा सिंधिया राजपरिवार पर की गई टिप्पणी से शुरू हुआ विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। हालांकि इस बारे में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के सुर कुछ नरम पड़ गए हैं, लेकिन रविवार को होशंगाबाद में एक और भाजपा नेता द्वारा की गई टिप्पणी ने इसे फिर भड़का दिया है।

भिंड के अटेर में नौ अप्रैल को होने जा रहे विधानसभा उपचुनाव से पहले मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सिंधिया राजघराने की राष्ट्रीय निष्ठा पर प्रश्नचिह्न लगाकर एक नया विवाद पैदा कर दिया था। हालांकि परिस्थितियों को देखते हुए मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने इस बारे में कुछ नरम रवैया अपना लिया है। उन्होंने उमरिया में पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा कि राजमाता विजयाराजे सिंधिया के प्रति उनकी अनन्य निष्ठा है। वे एक परिवार की नहीं, बल्कि पूरे मध्यप्रदेश की हैं। हमारी भी और हमारे जैसे लाखों कार्यकर्ताओं की वे मां रहीं। एक तरफ मुख्यमंत्री इस विवाद को थामने की कोशिश कर रहे हैं, वहीं अन्य भाजपा नेता बयानबाजी कर उनकी कोशिशों को पलीता लगाने का काम कर रहे हैं। रविवार को ही होशंगाबाद में आयोजित एक कार्यक्रम में नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष हितेष बाजपेयी ने सिंधिया परिवार पर निशाना साधते हुए कहा कि वर्ष 1947 से पहले सिंधिया परिवार राष्ट्रीय शर्म का विषय था और हमेशा रहेगा। इस बारे में संगठन महामंत्री सुहास भगत सहित कई वरिष्ठ नेता कुछ भी कहने से बच रहे हैं, वहीं निगम अध्यक्ष हितेष वाजपेयी का कहना है कि मुख्यमंत्री द्वारा की गई टिप्पणी राजमाता विजयाराजे सिंधिया, यशोधरा राजे सिंधिया या ज्योतिरादित्य सिंधिया के बारे में नहीं थी। यह बात सभी जानते हैं कि सिंधिया शासकों के अंग्रेजों से मिल जाने से लोगों को कितनी यातनाएं सहनी पड़ी थीं।

वहीं, इस बारे में पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ भाजपा नेता कैलाश जोशी का कहना है कि नेताओं को विवादित मसले पर संभलकर बोलना चाहिए। उन्होंने कहा कि वे प्रदेश सरकार में मंत्री और सिंधिया परिवार की सदस्य यशोधरा राजे सिंधिया से मिलकर उनकी आपत्ति को दूर करने का प्रयास करेंगे।

,
Shares