उत्तर प्रदेश : मुख्यमंत्री के नाम पर आरएसएस की मुहर लगने का इंतजार

लखनऊ, 16 मार्च । विधानसभा चुनाव में पूर्ण बहुमत हासिल करने के बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में उत्तर प्रदेश के लिए मुख्यमंत्री के नाम पर मंथन चल रहा है। माना जा रहा है कि एक-दो दिन में राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) की मुहर लगने के बाद ही भाजपा का शीर्ष नेतृत्व इस नाम को सार्वजनिक करेगा। दरअसल संघ की राष्ट्रीय प्रतिनिधि सभा की तीन दिवसीय बैठक तमिलनाडु के कोयम्बटूर में 19 मार्च से होगी। इसको लेकर संघ के वरिष्ठ पदाधिकारियों का वहां पहुंचने का सिलसिला पहले ही शुरू हो गया है। 14 मार्च से बैठकों का सिलसिला जारी है। इसके तहत संघ की राष्ट्रीय कोर कमेटी की बैठक भी सम्पन्न हो चुकी है। वहीं गुरुवार को क्षेत्र कार्यवाह-प्रचारक बैठक आयोजित हुई। इसमें कोर कमेटी के साथ राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य, क्षेत्र प्रचारक और क्षेत्र कार्यवाह शामिल हुए। इस दौरान भाजपा के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री रामलाल की भी मौजूदगी रही। माना जा रहा है कि भाजपा की ओर से चयनित नामों को रामलाल के जरिए ही संघ के समक्ष रखा जायेगा और फिर इनमें से किसी नाम पर संघ अपनी मुहर लगा देगा। वहीं अगर संघ की प्रतिनिधि सभा के अन्य कार्यक्रमों पर नजर डालें तो 17 मार्च को प्रान्त प्रचारक और प्रान्त कार्यवाह बैठक में शामिल होंगे। इसमें पहले से आये वरिष्ठ पदाधिकारी भी मौजूद रहेंगे। इसी तरह 18 मार्च को क्षेत्र संघ चालक, प्रान्त संघचालक और 40 विभिन्न संगठनों के अखिल भारतीय पदाधिकारी, 19, 20 और 21 मार्च को प्रान्त टोली, क्षेत्र टोली, विभाग प्रचारक सहित 14 मार्च से आये सभी वरिष्ठ पदाधिकारी बैठक में शामिल होंगे। प्रतिनिधि सभा की बैठक में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह भी पहुंचेंगे। इसके अलावा राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री शिव प्रकाश, राष्ट्रीय महासचिव राम माधव भी शामिल होंगे। इस तरह संघ की प्रतिनिधि सभा की तीन दिवसीय बैठक के समापन के बाद भाजपा के नये मुख्यमंत्री का शपथ ग्रहण होने की सम्भावना है। यह आयोजन बेहद भव्य तरीके से मनाये जाने की सम्भावना है। पार्टी नेताओं ने हिन्दुस्थान समाचार को बताया कि इसमें प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सहित पार्टी के केन्द्रीय मंत्री, वरिष्ठ पदाधिकारी, भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्री और नेता आदि शामिल होंगे।

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