इंदौर:हुकुमचंद मिल : सुप्रीम कोर्ट ने दिया सात दिन में मजदूरों को 50 करोड़ देने का आदेश

इंदौर। हुकुमचंद मिल मामले में राज्य सरकार को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा। कोर्ट ने हाई कोर्ट के उस आदेश पर मुहर लगा दी जिसमें मिल के मजदूरों के लिए 50 करोड़ रुपए देने को कहा था। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि मजदूर दिवस के पहले मजदूरों के चेहरे पर मुस्कान आना चाहिए। सरकार 7 दिन के भीतर मजदूरों को उक्त रकम का भुगतान करने की व्यवस्था करे। हाई कोर्ट में लंबित याचिका की सुनवाई स्टे करते हुए कोर्ट ने आदेश दिया कि इस मामले में अब सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होगी।

हुकुमचंद मिल के मजदूर 25 साल से अपने हक की लड़ाई लड़ रहे है। मिल के पौने 6 हजार मजदूरों को ग्रेजुएटी, तनख्वाह के करोड़ों रुपए का भुगतान होना है। कोर्ट ने मिल की जमीन को बेचकर मजदूरों को पैसा देने को कहा था। इसके बावजूद मिल की जमीन बिक नहीं पाई। हाई कोर्ट ने सरकार को आदेश दिया था कि मजदूरों को 50 करोड़ रुपए का अंतरिम भुगतान किया जाए।

इस आदेश के खिलाफ सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में अपील दायर कर दी। गुरुवार को इसी में सुनवाई हुई। मजदूरों की तरफ से एडवोकेट गिरीष पटवर्धवन और धीरेंद्रसिह पवार ने पैरवी की। उन्होंने बताया कि जस्टिस कुरियन जोसेफ और जस्टिस आर भानुमति की डबल बेंच ने हाई कोर्ट के आदेश में किसी तरह का बदलाव करने से इंकार करते हुए सरकार को आदेश दिया कि 7 दिन के भीतर मजदूरों को अंतरिम राहत के रूप में 50 करोड़ रुपए का भुगतान करें।

मजदूर नेता हरनामसिंह धालीवाल, नरेंद्र श्रीवंश, किशनलाल बोकरे ने बताया कि कोर्ट ने यह कहते हुए कि मजदूर दिवस के पहले मजदूरों के चेहरे पर मुस्कान आना चाहिए केस की अगली सुनवाई 1 मई (मजदूर दिवस) को तय की। इसके पहले सरकार को 50 करोड़ रुपए का भुगतान मजदूरों को करना होगा।

 

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