MP: 17 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, 4-5 दिन नहीं मिलेगी राहत

 

भोपाल. भोपाल और आसपास के जिलों में चार दिन से जारी भारी बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। विदिशा और रायसेन में बाढ़ के हालात बन गए हैं। वहीं भोपाल में शहर के निचले इलाकों में पानी भर गया है। इससे मंगलवार को दो पुराने मकान भी ढह गए। मंगलवार रात से जारी बारिश रुक-रुककर सुबह तक होती रही। इससे भदभदा के 3, कोलार के 4 और कलियासोत के 5 गेट खोलने पड़े हैं। वहीं 13 साल में पहली बार कोलार के सभी 8 गेट मंगलवार को शाम खोले गए। 2006 के बाद ऐसा हुआ।

राज्य के आधे हिस्से को अभी बारिश से राहत नहीं

राज्य के आधे से भी ज्यादा हिस्से को अभी अगले 4-5 दिन तक भारी और अति भारी बारिश से कोई राहत मिलने की उम्मीद नहीं है। स्थानीय मौसम केन्द्र के मुताबिक पूर्वी मध्यप्रदेश में तो बारिश का प्रभाव अपेक्षाकृत कम है, लेकिन पश्चिमी मध्यप्रदेश में वर्षा की तीव्रता, वेग और प्रभाव ज्यादा है।

17 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी
विभाग ने आज भी प्रदेश के 17 जिलों, इंदौर, धार, खंडवा, खरगोन, अलीराजपुर, झाबुआ, बड़वानी, बुरहानपुर, उज्जैन, रतलाम, शाजापुर, देवास, नीमच, मंदसौर, होशंगाबाद, बैतूल और हरदा जिलो में कहीं कहीं घनघोर बारिश होने की चेतावनी दी है। वहीं 20 जिलों भोपाल, रायसेन, राजगढ़, विदिशा, सीहोर, गुना, अशोकनगर, अनूपपुर, डिंडोरी, उमरिया, शहडोल, रीवा, सागर, सिवनी, नरसिंहपुर जबलपुर, मंडला, कटनी, छिंदवाड़ा और बालाघाट जिलों में भारी से भारी वर्षा होने की चेतावनी दी है।

पुलिया में भरापानी प्रसूता को खटिया पर लेकर गए युवक
सीहोर जिले की आष्टा तहसील के ग्राम पंचायत बरखेड़ा हसन में एक गर्भवती को ग्रामीण युवक जननी एक्सप्रेस नहीं पहुंचने के कारण खटिया को कंधों में उठाकर अस्पताल पहुंचे। असल में, गांव और कॉलोनी के बीच एक नाला उफान मार रहा था, इस कारण ग्रामीणों का तहसील मुख्यालय से संपर्क टूट गया था।नाले के पार जननी एक्सप्रेस आ गई थी, इस दौरान युवकों ने प्रसूता को खटिया पर लिटाकर नाला पार कर जननी एक्सप्रेस में बिठाकर अस्पताल पहुंचाया। प्रसूता को आष्टा अस्पताल भर्ती किया गया है।

अभी अलग 4-5 दिन नहीं मिलेगी राहत

राज्य के करीब आधे हिस्से को पिछले चार दिन से भारी बारिश से कोई राहत नहीं मिली है। इसके चलते नदी-नाले सड़कों पर आकर बह रहे हैं और विभिन्न स्थानों का एक-दूसरे से सड़क संपर्क टूटा हुआ है। लगभग सभी बड़े बांध एवं जलाशयों के गेट खोले जाने से नर्मदा, चंबल, बेतवा, पार्वती एवं कालीसिंध नदियों में उफान आने, जलस्तर बढने से नदियों के आसपास बसे लोग प्रभावित हुए हैं। अशोकनगर जिले में बेतवा नदी का उफान जारी रहने से नदी पर बने दो पुल डूबे हुए हैं, जिसके कारण जिले का बीना और ललितपुर से सड़क संपर्क टूट गया है।

बारिश से सीहोर, विदिशा, बड़वानी, हरदा और रायसेन जिले सर्वाधिक प्रभावित हुए हैं। सीहोर में जिला मुख्यालय पर भी निचली बस्तियों में पानी भर गया है। वहीं विदिशा में भी 900 से ज्यादा लोग राहत शिविरों में शरण लिए हुए हैं।

नर्मदा खतरे के निशान से ढाई फीट ऊपर :होशंगाबाद में नर्मदा खतरे के निशान 964 फीट से ढाई फीट ऊपर बह रही है। रात 12 बजे नर्मदा का जलस्तर 966.5 फीट था। नर्मदा का पानी बैक वॉटर के रुप में शहर में घुसने लगा है। नर्मदा देखने आई भीड़ को रात 11.30 बजे घाटों से हटा दिया गया। प्रवेश रोका गया है।

केरवा में हादसा; पत्नी और तीन बच्चों को बचाया
कोलार स्थित ग्राम बोरदा गोट पिकनिक मनाने आए 35 वर्षीय रिजवान खान की पानी में बहने से मौत हो गई। मंगलवार को अपनी पत्नी और तीन बच्चों के साथ बोरदा घूमने आया था। शाम करीब 4.30 बजे बोरदा में केरवा पहाड़ी के पीछे बाबा झिरी में वह अपने परिवार के साथ एक चट्टान पर बैठा था। इस दौरान बारिश शुरू हुई और केरवा डैम से तेज बहाव आया। रिजवान और उसका परिवार चट्टान पर फंस गया। रिजवान ने एक-एक कर तीनों बच्चों और पत्नी को किनारे पहुंचाया। अचानक उसका पैर चट्टान में फंस गया और पानी बढ़ने से वह बह गया। पुलिस ने नगर निगम के साथ रेस्क्यू चलाया और रिजवान का शव बरामद कर लिया।

कई जिलों का सड़क संपर्क टूटा : भारी बारिश के चलते नर्मदा, तवा, बेतवा, शिप्रा सहित अन्य नदियां और कई नाले उफान पर हैं। प्रदेश के ज्यादातर बड़े बांधों के गेट खोलने पड़े हैं। शहरों और कस्बों को जोड़ने वाले कई मार्ग बंद हैं। मौसम विभाग के मुताबिक अगले 48 घंटों तक प्रदेश में कमोबेश यही हालत बने रहेंगे। 13 जिलों में मौसम विभाग ने भारी बारिश का अलर्ट है। कम दबाव का क्षेत्र भोपाल सहित प्रदेश के ज्यादातर हिस्से में अगले तीन-चार दिन बारिश कराता रहेगा।

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