MP: कांग्रेस नेता और उसके दामाद पर मुंबई में चोरी व ठगी का मामला दर्ज

ग्वालियर लोकसभा क्षेत्र से पूर्व में बसपा के टिकट पर प्रत्याशी रहे आलोक शर्मा पर मुंबई के वाशी थाने में धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया। आलोक चुनाव के बाद कांग्रेस में शामिल हो गए थे। यह मामला उनके रिश्तेदार प्रवीण दीक्षित द्वारा सौरभ पाराशर की चोरी की गई चेकबुक के चेक पर 1.25 करोड़ रुपए चढ़ाकर रुपए निकालने की कोशिश किए जाने पर दर्ज किया गया।

प्रवीण दीक्षित उनकी मां हेमलता दीक्षित, वीरेंद्र दीक्षित पर पूर्व में मुंबई के ही पार्क साइट थाने आनंद तिवारी की रिपोर्ट पर 90 लाख रूपए की धोखाधड़ी का मामला भी पूर्व से दर्ज है। मुंबई पुलिस ने आरोपियों की तलाश में विगत माह दतिया व टेकनपुर में दबिश दी लेकिन आरोपी हाथ नहीं आए।

मुंबई में दर्ज कराए मामले में कस्टम अधिकारी सौरभ पाराशर ने बताया कि प्रवीण दीक्षित मुंबई में प्रॉपर्टी दलाल का काम करते हैं। प्रवीण ने 2016 में मेरी मां उमा पाराशर को फ्लैट खरीदने का भरोसा देकर रुपए लिए थे। फ्लैट के लेन देन के लिए वह मेरे मुंबई स्थित घर में आया करता था। 2016 में वह मेरे साथ ठगी कर मुंबई से भाग कर दतिया में रहने लगा। जब वह मेरे घर पर आता था तब ही मेरे घर की अलमारी से मेरी पुरानी एचडीएफसी व एसबीआई बैंक चेक बुक चोरी कर ली थी।

इन पुरानी चेक बुक में से एक चेक अपनी मां हेमलता दीक्षित के नाम पर 72 लाख रूपए लिख कर, पंजाब नेशनल बैंक की दतिया शाखा में जमा कर मेरे एकाउंट से रुपए निकालने का प्रयास किया। बैंक मैनेजर आशुतोष कुमार को पुराने चेक पर संदेह हुआ, चेक पर हैंड राइटिंग भी अलग थी। इस कारण चेक को रोक दिया। इस पर मुंबई के वशी थाना पुलिस ने जांच के बाद प्रवीण पर चोरी का प्रकरण किया। चेक को फर्जी तरीके से बैंक में लगा कर 72 लाख रुपए निकालने की कोशिश किए जाने पर हेमलता दीक्षित के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया।

प्रवीण ने दूसरा चेक अपने चाचा ससुर और पूर्व में लोकसभा चुनाव में प्रत्याशी रहे आलोक शर्मा को दिया जिन्होंने उस 1.25 करोड़ का फर्जी तरीके से चेक टेकनपुर की एसबीआई बैंक में लगाया। यहां भी हस्ताक्षर अलग होने के कारण भुगतान न कर चेक रिजेक्ट कर दिया। एफअाईअार के संबंध में जब अालोक शर्मा से पक्ष जानना चाह तब उन्होंने 1.25 करोड़ का लेनदेन की बात बताते हुए कुछ स्पष्ट करने से इंकार कर दिया।

प्रवीण दीक्षित, आलोक शर्मा, हेमलता दीक्षित पर चोरी व ठगी के मामले दर्ज हैं। इनकी तलाश में विगत माह दबिश दी थी। इन सभी की तलाश में अभी फिर नोटिस जारी किए गए हैं, दबिश भी दी जा रही है।

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