नर्मदा जयंती : ओंकारेश्वर में उमड़े श्रद्धालु, हेलीकॉप्टर से की पुष्पवर्षा

ओंकारेश्वर। नर्मदा जयंती पर ओंकारेश्वर के साथ ही मोरटक्का स्थित खेड़ीघाट श्रद्धालुओं से पटा रहा। 1 लाख से अधिक श्रद्धालुओं के आने से घाटों पर भीड़ रही। मां नर्मदा की आंचल में जहां हेलीकॉप्टर से पुष्प वर्षा की गई वहीं 151 लीटर दूध से अभिषेक किया गया।

अन्नपूर्णा आश्रम की ओर से नागरघाट पर 11 क्विंटल मेवे से निर्मित पकवानों और मेवों से मां नर्मदा को छप्पन भोग लगाया गया। शाम को शोभायात्रा निकाली गई वहीं रात्रि में नर्मदा में दीपदान और ओंकार पर्वत पर काकड़ा आरती की गई। मां नर्मदा का झिलमिलाता आंचल और रोशनी से जगमगाता ओंकार पर्वत लोगों के मन को खूब भाया।

नर्मदा जयंती के लिए श्रद्धालुओं के आने का सिलसिला मंगलवार से ही शुरू हो गया था जो बुधवार शाम तक जारी रहा। श्रद्धालुओं ने नर्मदा स्नान कर भगवान ओंकारेश्वर और ममलेश्वर ज्योतिर्लिंग के दर्शन किए। इसके साथ ही विभिन्ना घाटों पर दिन भर पूजा-अर्चना का दौर चलता रहा। ठीक 12 बजे मां नर्मदा का जन्मोत्सव मनाया गया। इस दौरान पूजन कर महाआरती की गई।

दादाजी दरबार के हेलीकॉप्टर से नर्मदाजी में पुष्पवर्षा की गई।

जय मां नर्मदा युवा संगठन द्वारा केवलराम घाट पर आयोजित नर्मदा जयंती के दौरान विद्वान पंडित-पुजारियों द्वारा पूजापाठ, 151 लीटर दूध से अभिषेक, आरती करने के बाद प्रसादी का वितरण किया गया। संगठन द्वारा दोपहर 12 बजे से ही जेपी चौक पर भंडारे का आयोजन किया गया जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसादी ग्रहण की।

जेपी चौक से निकली शोभायात्रा

संगठन द्वारा सायं 4 बजे जेपी चौक से शोभायात्रा निकाली गई जो शाम 6 बजे केवलराम घाट पहुंची। यहां 51 विद्वान पंडितों द्वारा पूजन, अभिषेक संपन्ना करवाने के बाद महाआरती की गई। सवा लाख दीप नर्मदा जी में छोड़े गए। इसी दौरान ओंकार पर्वत पर भी कांकड़ा आरती की गई। ओम आकृति और श्री नर्मदे हर दीपों से झिलमिला उठा। इस मनोरम दृश्य को देखने के लिए श्रद्धालुओं का जमावड़ा लगा रहा। सभी धार्मिक आयोजन संपन्ना होने के बाद जेपी चौक पर शुद्ध घी से बने हलवे का प्रसादी के रूप में वितरित किया गया। नर्मदा जयंती पर दत्तात्रय संन्यास आश्रम के महामंडलेश्वर स्वामी विवेकानंद पुरी, विधायक लोकेंद्रसिंह तोमर, कलेक्टर अभिषेक सिंह भी ओंकारेश्वर पहुंचे।

11 क्विंटल मेवों से बने पकवान

इसी तरह कोटितीर्थघाट पर मंदिर ट्रस्ट द्वारा धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। सहायक कार्यपालन अधिकारी अशोक महाजन ने बताया कि सुबह 10 बजे से ही मां र्नमदा जन्मोत्सव की सभी धार्मिक अनुष्ठान शुरू हो गए थे। अन्नापूर्णा आश्रम के महामंडलेश्वर स्वामी सच्चिदानंद गिरी महाराज ने बताया कि नर्मदा जयंती के लिए नागरघाट पर मंच तैयार किया था। यहां 11 क्विंटल मेवों से निर्मित पकवानों और मेवों से मां नर्मदा को छप्पन भोग लगाया गया।

भजनों पर झूमे श्रद्धालु

दोपहर 1 बजे मां नर्मदा की मूर्ति को पालकी में विराजित कर शोभायात्रा निकाली गई। इस दौरान खंडवा से आए भजन गायक योगेश मीणा और उनके साथियों ने सुमधुर भजनों की प्रस्तुति दी। यात्रा के नर्मदा तट पहुंचने पर नर्मदाजी की मूर्ति को नौका विहार कराया गया। इसके बाद ढोल-ढमाकों और जयकारों के साथ यात्रा वापस श्री राधाकृष्ण मंदिर पहुंचकर समाप्त हुई।

एक्वाडक्ट पुल से निकले वाहन

नर्मदा जयंती पर यातायात व्यवस्था सुचारु रखने के लिए प्रशासन द्वारा हाईवे पर भारी वाहनों की आवाजाही प्रतिबंधित रखा गया। इंदौर में तेजाजीनगर चौराहा व खंडवा रोड पर देशगांव से भारी वाहनों को एबी और बड़ौदा रोड की ओर मोड़ दिया गया। इसके साथ ही बड़वाह-इंदौर मार्ग पर भी पुलिस बल तैनात किया गया। इसी तरह श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए प्रशासन द्वारा सनावद से मार्ग परिवर्तन कर वाहनों को एक्वाडक्ट पुल से निकाला गया। इस कारण मोरटक्का बस स्टैंड पर भीड़ कम रही। किसी भी वाहन को ओंकारेश्वर में प्रवेश नहीं दिया गया। सभी वाहनों को कुबेर भंडारी मंदिर परिसर में पार्किग करवाया गया। इसके कारण कहीं भी जाम की स्थिति नहीं बनी। नर्मदा जयंती पर नर्मदा तट पर जमकर आतिशबाजी की गई। इसके बाद नर्मदाजी में सवा लाख दीपदान किए गए। हजारों दीपक छोड़े जाने से मां नर्मदा का आंचल रोशनी से झिलमिलता रहा।

वैदिक प्रयोग महायज्ञ का समापन

खेड़ीघाट स्थित श्री राधाकृष्ण मंदिर परिसर में चल रहे वैदिक प्रयोग महायज्ञ का समापन भी बुधवार को हुआ। विश्व शांति व मानव कल्याण के लिए आयोजित यह महायज्ञ दमनदीव से आए पंडित संजय शर्मा और प्रीतेश व्यास के आचार्यत्व में संपन्न हुआ। सुबह से भी पूजन का क्रम प्रारंभ हो गया था। मंत्रोच्चार के साथ आहुतियां दी गईं। अंत में यज्ञ की आरती कर मां नर्मदा का पूजन किया गया। यहां आयोजित भंडारे में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसादी ग्रहण की।

यहां भी हुए आयोजन

– गौमुखघाट पर नाविक संघ ने जूना अखाड़े के महामंडलेश्वर स्वामी धर्मेंद्र पुरी के सान्निाध्य में मां नर्मदा का जन्मोत्सव मनाया गया। जूना अखाड़े में भक्तों को प्रसादी ग्रहण करवाई गई।

– अन्नापूर्णा आश्रम के महामंडलेश्वर स्वामी सच्चिदानंद गिरी महाराज की उपस्थिति में पंडित कमल किशोर नागर ने श्रीमद् भागवतघाट पर हजारों भक्तों के साथ मां नर्मदा की पूजा-अर्चना की।

– मार्कंडेय संन्यास आश्रम के प्रणवानंद महाराज ने अभयघाट पर सभी धार्मिक आयोजन संपन्ना किए। शाम को पांच हजार मिट्टी के दीपकों की घाट पर दीपमाला सजाई गई। इस अवसर पर बड़ी संख्या में संतगण व श्रद्धालु उपस्थित थे।कोटितीर्थघाट पर ओंकारेश्वर मंदिर संस्थान द्वारा मंदिर के पंडित-पुजारियों द्वारा पूजापाठ, अभिषेक के बाद मां नर्मदा की आरती की गई।

– बर्फानीघाट पर आश्रम के स्वामी हनुमानदास महाराज सहित श्रद्धालुओं ने 10 हजार श्रीफल से मां नर्मदा का पूजन-अभिषेक किया।

– श्री महानिर्वाणी पंचायती अखाड़ा के सचिव कैलाश भारती व निरंजनी अखाड़े के महंत दिलीपगिरी महारराज के सहयोग से भोजन प्रसादी का आयोजन किया गया।

– नर्मदा-कावेरी संगमघाट पर ऋणमुक्तेश्वर मंदिर के महामंडलेश्वर बजरंगदास महाराज ने भक्तों के साथ नर्मदा जन्मोत्सव मनाया।

– ओंकारेश्वर में नर्मदा किनारे स्थित मठ, मंदिरों व आश्रमों में भी नर्मदा जयंती धूमधाम से मनाई गई। भंडारे का आयोजन भी किया गया।

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