हम जैसा सोचते हैं, वैसी ही क्षमताएं विकसित होती हैं

 

 

हम जैसा सोचते हैं, हमारे भीतर वैसी ही क्षमताएं विकसित हो जाती हैं। हमारे आस-पास भी वैसा ही परिवेश तैयार हो जाता है। इसलिए हमें हमेशा हमारी सोच सकारात्मक रखना चाहिए। यह बातें नर्मदापुरम संभाग के आयुक्त उमाकांत उमराव ने प्रेरणा अभियान को संबोधित करते हुए कही।

एक्सीलेंस स्कूल में प्रेरणा संवाद में शामिल होने आमला पहुंचे थे। उन्होंने आधुनिक चिकित्सा पद्धति में फेथ थैरेपी का उदाहरण देकर उपस्थित लोगों को समझाया मनोयोग से शरीर की क्षमताएं घटती और बढ़ती हैं। व्यक्ति को जिस चीज में आनंद मिले, वही काम करना चाहिए। कलेक्टर शशांक मिश्र ने कहा मेहनत का कोई विकल्प नहीं। उन्होंने बच्चों को समय को हाथ में रखने की नसीहत दी। उन्होंने कहा व्यक्ति को अपनी दिनचर्या को पहले से ही प्लान करना चाहिए, तभी वह पूर्ण व्यक्ति बन सकता है। पूर्ण व्यक्ति में संवेदना, समझ और स्वस्थ होने के साथ काबीलियत होती है। कलेक्टर बोले व्यक्ति का सामाजिक होना भी बेहद जरूरी है। कलेक्टर ने बच्चे को हमेशा कांसेप्ट क्लीयर रखने की बात भी कही। कहा यदि बच्चे जरा-जरा सी बात पर खुद से सवाल करेंगे तो वे जीवन में सफल होते रहेंगे। बेहतर अध्ययन का यही तरीका है। प्रेरणा संवाद को संयुक्त संचालक शिक्षा एसके त्रिपाठी और जिला शिक्षा अधिकारी बीएस बिसोरिया, एक्सीलेंस स्कूल प्राचार्य बी. निमझे सहित अन्य लोगों ने भी संबोधित किया। प्रेरणा संवाद कार्यक्रम में दूसरे स्कूलों के बच्चे भी शामिल हुए।

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