सर्वार्थ सिद्धि योग में शुरू होगा हिंदू नववर्ष विक्रम संवत 2075 ‘ विरोधकृत ‘

हिंदू नववर्ष विक्रम संवत 2075 ‘विरोधकृत” की शुरुआत चैत्र प्रतिपदा यानि 18 मार्च रविवार को होगी। इस दिन शहरभर में सुबह 6.34 पर उगते सूर्य को अर्घ्य देकर नववर्ष की अगवानी की जाएगी।

ज्योतिर्विदों के मुताबिक नए साल का राजा पिता सूर्यदेव जबकि महामंत्री पुत्र शनिदेव होंगे। इसके चलते यह वर्ष दुनिया में जहां भारत की प्रतिष्ठा को बढ़ाएगा वहीं दंडाधिकारी शनिदेव न्यायतंत्र को मजबूत करेंगे।

नववर्ष के पहले दिन सूर्योदय से लेकर रात 8.10 तक मंगलकारी सर्वार्थसिद्धि योग भी होगा। ज्योतिर्विद् श्यामजी बापू के अनुसार चैत्र प्रतिपदा 17 मार्च को शाम 6.42 से 18 मार्च को शाम 6.31 बजे तक रहेगी। इस दिन चंद्रमा उत्तरभाद्र नक्षत्र में रहेगा। इस कारण इस वर्ष का राजा सूर्य और महामंत्री शनि कहलाएगा। उत्तरभाद्र नक्षत्र का उप स्वामी शुक्र होने के कारण सेनापति का पद शुक्रदेव को प्राप्त होगा।

चंद्रमा परिपूर्णता का स्वामी होकर केंद्र में होने के कारण इस वर्ष चंद्रमा को तीन पद प्राप्त होंगे। इसमें मुख्य पद धनेश यानि वित्तमंत्री का है। ज्योतिर्विद् पं. ओम वशिष्ठ के अनुसार इस वर्ष में राजा और महामंत्री के बीच नैसर्गिक रूप से विरोधाभास रहेगा अर्थात सूर्यदेव और शनि के बीच में विरोध बना रहेगा। इसी कारण इस संवत्सर का नाम विरोधकृत है।

सूर्य के राजा होने के कारण इस वर्ष अत्यधिक गर्मी पड़ेगी। औसतन वर्षा कम होगी परंतु गेहूं, चना, सरसों, जौ व रबी की फसल अच्छी रहेगी। व्यापार में तेजी का रुख रहेगा। ज्योतिर्विद् देवेंद्र कुशवाह के अनुसार शनि के महामंत्री पद के कारण न्याय भंग करने वालों को कड़ा दंड मिलेगा। न्याय तंत्र मजबूत होगा। इस साल भारत कूटनीति के क्षेत्र में उपलब्धि हासिल करेगा।

आठ दिनी चैत्र नवरात्रि पर्व होगा शुरू

शक्ति की उपासना का पर्व चैत्र नवरात्रि 18 से 25 मार्च तक होगा। नवरात्रि नौ की बजाए 8 दिन की होगी। 25 मार्च को अष्टमी और नवमी तिथि एक साथ होगी। ज्योतिर्विदों के मुताबिक प्रतिपदा तिथि 17 मार्च को शाम से लग रही है, इसलिए 18 मार्च को शुभ मुहूर्त में घटस्थापना की जाएगी।

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