शिवरात्रि पर भूलकर भी ना करें पूजा बर्बाद करने वाली ये गलतियां

कुछ ही दिनों बाद यानी बुधवार, 14 फरवरी को शिवजी की पूजा का महापर्व है शिवरात्रि। इस दिन किए गए पूजा-पाठ से भोलेनाथ प्रसन्न हो जाते हैं और भक्त को सभी कामों में सफल बनाते हैं। शिवरात्रि पर पूजा करने वाले लोगों को कुछ बातों का ध्यान रखना चाहिए। शिवपुराण के अनुसार कुछ ऐसे काम बताए गए हैं, जिन्हें करने पर शिवजी क्रोधित हो जाते हैं। शिवजी के क्रोध के कारण व्यक्ति को बुरे समय का सामना करना पड़ता है। यहां जानिए ऐसे कौन-कौन से काम हैं जो हमें नहीं करना चाहिए…

1. इन लोगों का अपमान न करें

ध्यान रखें कि किसी बुजुर्ग व्यक्ति, गुरु, भाई-बहन, जीवन साथी, माता-पिता, मित्र और ज्ञानी लोगों का अपमान गलती से भी न करें। वैसे तो किसी का भी अपमान कभी भी नहीं करना चाहिए, लेकिन शिवरात्रि पर इस बात का पालन अवश्य होना चाहिए। अन्यथा शिवजी ऐसे लोगों से प्रसन्न नहीं होते हैं जो यहां बताए गए लोगों का अपमान करते हैं।

2. शिवलिंग पर न चढ़ाएं तुलसी

शास्त्रों के अनुसार तुलसी पवित्र मानी जाती है और भगवान विष्णु की पूजा इसके बिना अधूरी होती है, लेकिन शिवपुराण के अनुसार शिव पूजा में ये वर्जित है। ऐसे बहुत से लोग हैं जो जानकारी के अभाव में शिवलिंग पर तुलसी चढ़ा देते हैं, इस कारण उन्हें पूजा का पूरा फल नहीं मिल पाता है।

3. बुरे विचारों से बचें

शिवजी को प्रसन्न करना चाहते हैं तो किसी भी प्रकार के बुरे विचार से बचें। बुरे विचार जैसे दूसरों को नुकसान पहुंचाने के लिए योजना बनाना, अधार्मिक काम करने के लिए सोचना, स्त्रियों के लिए गलत सोचना आदि। इस प्रकार के विचारों से बचना चाहिए, वरना शिव पूजा में मन नहीं लग पाएगा। शास्त्रों में स्त्रियों के लिए गलत बातें सोचना महापाप बताया गया है।

4. शिवलिंग पर न चढ़ाएं हल्दी

शिव पूजा में ध्यान रखें कि शिवलिंग पर हल्दी न चढ़ाएं। हल्दी जलाधारी पर चढ़ानी चाहिए। हल्दी स्त्रियों से संबंधित वस्तु है। शिवलिंग पुरुष तत्व से संबंधित है और ये शिवजी का प्रतीक है। इस कारण शिवलिंग पर नहीं, बल्कि जलाधारी पर हल्दी चढ़ानी चाहिए। जलाधारी स्त्री तत्व से संबंधित है और ये माता पार्वती की प्रतीक है। इसकारण शिवलिंग पर नहीं, बल्की जलाधारी पर हल्दी चढ़ाएं।

5. सुबह देर तक नहीं सोना चाहिए

पूजा के लिए सुबह-सुबह का समय सबसे अच्छा रहता है, इस कारण यदि आप शिवजी की कृपा पाना चाहते हैं तो सुबह बिस्तर जल्दी छोड़ देना चाहिए। जल्दी जागें और स्नान आदि कार्यों के बाद शिवजी की पूजा करें। अगर देर तक सोते रहेंगे तो इससे आलस्य बढ़ेगा। सुबह जल्दी उठने से वातावरण से स्वास्थ्य लाभ भी मिलते हैं। सुबह के समय मन शांत रहता है और इस वजह से पूजा पूरी एकाग्रता से हो पाती है। एकाग्रता से की गई पूजा बहुत जल्दी शुभ फल प्रदान करती है।

6. मांसाहार से बचें

मांसाहार यानी नॉनवेज खाने से बचना चाहिए। नॉनवेज खाना तैयार करने के लिए जीव हत्या की जाती है। जीव हत्या पाप है। मांसाहार को छोड़कर इस पाप से बचना चाहिए।

7. क्रोध न करें

क्रोध से मन की एकाग्रता और सोचने-समझने की शक्ति खत्म हो जाती है। इस आवेश में लिए गए फैसले भी अधिकतर नुकसानदायक ही होते हैं। ये एक बुराई है और इससे बचना चाहिए। शिवजी के कृपा पाने के लिए खुद को शांत रखना बहुत जरूरी है। क्रोध से मन अशांत हो जाता है और ऐसे में पूजा नहीं की जा सकती है।

8. पति-पत्नी ध्यान रखें ये बातें

अधिकतर परिवारों में पति-पत्नी के बीच वाद-विवाद, छोटी-छोटी लड़ाइयां अक्सर होती रहती हैं। ये आम बात है, लेकिन जब छोटी-छोटी बातें बढ़ जाती हैं तो पूरा घर अशांत हो जाता है। शिवरात्रि पर इस बात का विशेष ध्यान रखें कि घर में क्लेश ना हो। जिन घरों में क्लेश होता है, अशांति रहती है, वहां देवी-देवता निवास नहीं करते हैं। घर में प्रेम बनाए रखें और एक-दूसरे की गलतियों को भूलकर आगे बढ़ें। घर में शांति रहेगी तो जीवन भी सुखद बना रहेगा।

9. अनैतिक संबंधों से बचें

ध्यान रखें पराए पुरुष या पराई स्त्री से शारीरिक संबंध बनाना या संबंध बनाने के बारे में सोचना भी पाप है। जीवन साथी के प्रति ईमानदार रहें और अनैतिक संबंधों से बचें, अन्यथा किसी भी पूजा से ये पाप खत्म नहीं होता है।

10. पूजा में इन धातुओं का उपयोग न करें

शिवजी की पूजा में सोने, चांदी, पीतल, कांसे, तांबे या अष्टधातु के बर्तनों का उपयोग करना चाहिए। ध्यान रखें लोहे, स्टील या एल्युमिनियम के बर्तन पूजा में उपयोग न करें। ये धातुएं शिवजी की पूजा में वर्जित की गई हैं।

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