शिक्षक अपनी जगह दूसरों को ठेके पर स्कूल भेज देते हैं : सुषमा स्वराज

भोपाल। नीति आयोग की रिपोर्ट में विदिशा सबसे पिछड़े जिलों में शुमार होने के बाद सोमवार को विदेश मंत्री सुषमा स्वराज भोपाल पहुंची। यहां उन्होंने अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों के साथ स्थिति बेहतर करने को लेकर बैठक की।

बैठक में सुषमा स्वराज ने अधिकारियों से कहा कि मुझे पता चला है कि सिर्फ विदिशा में नहीं, पूरे प्रदेश में कई जगह शिक्षक स्कूलों में पढ़ाने जा ही नहीं रहे हैं। वे अपनी जगह ठेके पर दूसरे लोगों को भेज रहे हैं। उन्होंने कहा कि सभी स्कूलों में वहां पदस्थ शिक्षकों के फोटो लगाए जाएं, ताकि बच्चों को पता चल सके कि उनका शिक्षक कौन है। यदि शिक्षक नहीं आते हैं तो उन पर कार्रवाई की जाए।

वॉट्सएप पर ग्रुप बनाकर लूंगी फीडबैक

सुषमा स्वराज ने कहा कि अब एक वॉट्सएप ग्रुप बना रही हूं। विदिशा की छोटी से छोटी जानकारी इस वॉट्सएप नंबर के जरिए लूंगी। इस पर आम व्यक्ति भी जानकारी भेज सकता है। स्वराज ने प्रोफेसर कॉलोनी स्थित अपने निवास पर यह बैठक ली थी। पहले यह बैठक मंत्रालय में मुख्यमंत्री की मौजूदगी में होने वाली थी। इस बैठक में सांसद लक्ष्मीनारायण यादव, विधायक कल्याण सिंह, वीर सिंह पवार, निशंक जैन सहित कई अधिकारी भी मौजूद थे।

अधिकारी नहीं करते मॉनीटरिंग

सुषमा स्वराज विभिन्न् विभागों के अधिकारियों पर भी नाराज हुईं। उन्होंने कहा कि सरकार के पास योजनाओं की कमी नहीं है, लेकिन जिलों के अधिकारी सतत मॉनीटरिंग नहीं कर पाते हैं, इसलिए कई लोग इसका लाभ लेने से छूट जाते हैं। उन्होंने कहा कि विदिशा के विकास के लिए माइक्रो प्रबंधन की आवश्यकता है। त्रि-स्तरीय मॉनीटरिंग प्रणाली होना चाहिए। गांव में शिक्षा, स्वास्थ्य, आंगनबाड़ी की मॉनीटरिंग पंच-सरपंच और नगरीय क्षेत्रों में पार्षद करें।

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