विमुद्रीकरण, सर्जिकल स्ट्राइक को संघ ने सराहा

कोयम्बटूर, 20 मार्च । राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा रविवार से कोयम्बटूर में चल रही है। तीन दिन तक चलने वाली प्रतिनिधि सभा में 1400 प्रतिनिधि,11 क्षेत्र और 42 प्रांत हिस्सा ले रहे हैं। इस अधिवेशन में सरकार्यवाह सुरेश जी जोशी (भय्या जी) द्वारा प्रस्तुत 2016-17 का वार्षिक प्रस्तिवेदन प्रस्तुत किया गया। इसमें संघ के विभिन्न कार्यक्रमों के विवरण के साथ राष्ट्रीय परिदृश्य पर संघ की दृष्टि पर एक संक्षिप्त विश्लेषण और टिप्पणी भी थी। इसमें पश्चिम बंगाल में हो रही देश विरोधी घटनाओं तथा केरल मे वामपंथी ताकतों द्वारा फैलाई जा रही क्रूरता की कड़ी निंदा भी की गई है। इस दौरान, भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नीत केंद्र सरकार द्वारा उठाए गए कुछ कदमों को सराहना भी की गई। जिसमें मुख्यत: सर्जिकल स्ट्राइक और विमुद्रीकरण विशेष रहा। सर्जिकल स्ट्राइक का उल्लेख करते हुए फौज के अधिकारियों और जवानों के अदम्य साहस की सराहना की। सुरक्षा और सम्मान के मोटिव के साथ सीमा पर खड़े जवानों द्वारा पाकिस्तान के नापाक हरकत का जवाब देने के लिए सर्जिकल स्ट्राइक के रूप में उठाया गया कदम बहुत ही शानदार रहा। साथ ही आर्थिक क्षेत्र में ‘विमुद्रीकरण’ भी केंद्र सरकार का साहसिक निर्णय है। समाज और देश में व्याप्त आर्थिक भ्रष्टाचार को लेकर सरकार ने बहुत ही सधा हुआ फैसला किया, जिसका सभी देशवासियों ने समर्थन भी किया। इसके अलावा, संघ के इस प्रतिवेदन में इसी वर्ष बीते 15 फरवरी को भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) द्वारा एक साथ 104 उपग्रहों को पृथ्वी के कक्षा में स्थापित करने को हर भारतवासियों के लिए गौरव का क्षण बताया गया। कहा गया कि इसरो के इस कदम से देश के मान-सम्मान में इजाफा हुआ। इसरो के महिला और पुरुष वैज्ञानिकों का कार्य कमाल का है। 

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