रेपिस्ट्स को चौराहे पर गोली मारो, मुझे ये हक मिले: भोपाल गैंगरेप विक्टिम की मां

भोपाल.किसी लड़की या महिला का रेप करने वालों को बीच चौराहे पर खड़ा कर गोली मार देनी चाहिए। यह बात भोपाल में गैंगरेप विक्टिम की मां ने कही। शुक्रवार को उनसे बात की और पूछा, ”आप बेटी के साथ ज्यादती करने वालों के लिए कैसी सजा चाहती हैं?” बता दें कि 31 अक्टूबर को कोचिंग क्लास के बाद ट्रेन पकड़ने हबीबगंज रेलवे स्टेशन जा रही 19 साल की लड़की से 4 लोगों ने 3 घंटे तक गैंगरेप किया था। पुलिस ने इस मामले में 3 आरोपियों को अरेस्ट कर लिया है, जबकि एक अभी फरार है।
विक्टिम की मां ने कहा, ”हम चाहते हैं कि दरिंदों को बीच चौराहे पर खड़ा करके गोली मार दी जाए, लेकिन क्या उन्हें ऐसी सजा दी जाएगी। चाहती हूं कि उन्हें हम ही गोली मारें। मैं बेटी के साथ दिनभर थानों के चक्कर काटती रही, लेकिन किसी थाने की पुलिस रिपोर्ट दर्ज करने को तैयार नहीं हुई। जीआरपी और भोपाल पुलिस हमारी शिकायत तक सुनने को तैयार नहीं थी।”

टीआई से साढ़े 3 घंटे बहस की, फिर भी नहीं माने
– मां ने कहा, “जीआरपी थाने के टीआई मोहित सक्सेना से मेरी साढ़े 3 घंटे बहस हुई। इसके बाद भी वो एफआईआर दर्ज करने को तैयार नहीं थे। सक्सेना पुलिस अफसरों के सामने बेटी और मुझे झूठा बता रहे थे। मैं खुद पुलिस विभाग से ताल्लुक रखती हूं। जीआरपी ने हमसे इतने सवाल किए, जैसे हमने ही कोई अपराध कर दिया हो। विक्टिम की मां ने कहा, ”जीआरपी टीआई मोहित सक्सेना और एसआई धुर्वे पूरा घटनाक्रम समझने के बाद भी एफआईआर दर्ज करने को राजी नहीं हुए। इसके बाद बेटी उन्हें मौके पर ले गई, लेकिन पुलिस वाले सिर्फ एक ही बात बोल रहे थे कि आप लोगों की कहानी झूठी है। इस बीच, एक आरोपी हिरासत में भी ले लिया गया, लेकिन पुलिस टालती रही।”

मां ने कहा, ”घटना के दिन मैं बेटी से कॉन्टैक्ट में थी, उसने फोन पर बताया था कि आज ट्रेन लेट है, मैं जीटी एक्सप्रेस से घर आ जाऊंगी। इसके आधे घंटे बाद कॉल किया तो बेटी का फोन स्विच ऑफ था। कई बार फोन ट्राय किया, लेकिन रात 10 बजे आरपीएफ थाने से अनहोनी की खबर आई।
बता दें कि विक्टिम का मां विदिशा में रेलवे पुलिस में पोस्टेड है और वहीं अपनी लड़की के साथ रहती है। लड़की रोजाना कोचिंग क्लास के लिए विदिशा और भोपाल के बीच ट्रेन से आती-जाती है।

पुलिस के मुताबिक, लड़की भोपाल के एमपी नगर इलाके में स्थित एक कोचिंग इंस्टीट्यूट से सिविल सर्विसेज (पीएससी) की तैयारी कर रही है। 31 अक्टूबर की शाम करीब 7.30 बजे वह कोचिंग क्लास करने के बाद घर लौटने के मकसद से ट्रेन पकड़ने हबीबगंज रेलवे स्टेशन जा रही थी। उसी दौरान रेलवे स्टेशन के आउटर पर 4 लड़कों ने उसे घेर लिया। पहले उससे छेड़छाड़ की गई। इसके बाद उसे डरा-धमका कर झाड़ियों में ले गए और तीन घंटे तक गैंगरेप किया।
एक आरोपी ने कहा था- इसे गोली मार देते हैं
. आरोपियों में से एक ने कहा था कि इसे मार देते हैं, नहीं तो सबको बताएगी, लेकिन दूसरे ने कहा कि नाम तो जानती नहीं है, कुछ नहीं बता सकेगी। फिर लड़की रात करीब 10 बजे 100 मीटर दूर स्थित आरपीएफ थाने पहुंची और पुलिस वालों से मदद लेकर अपने पापा से बात की। उसके पिता रेलवे पुलिस में ही हैं।

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