रणवीर के प्यार में मधुबाला बनीं दीपिका पादुकोण

deepikapadukoneनई दिल्ली, कहते हैं कि प्यार में बड़ी शक्ति होती है। उससे नामुमकिन काम भी मुमकिन हो जाता है। तभी तो जो काम दीपिका महीनों से नहीं कर पा रही थी। वह उनके प्यार यानी कि रणवीर की याद भर ने कर दिखाया। दरअसल अपनी फिल्म बाजीराव मस्तानी के लिए दीपिका को एक डांस में खास एक्सप्रेशन की जरूरत थी जो कई दिनों के रिहर्सल के बाद भी वह नहीं कर पा रही थी। लेकिन सिर्फ अपने बॉयफ्रेंड की याद भर से दीपिका ने वह एक्सप्रेशन मिनटों में दे दिया।

दीपिका पादुकोण फिल्म बाजीराव मस्तानी के एक गीत ‘मोहे रंग दो लाल’ में थिरकती नजर आएंगी। इस गाने में डांस के साथ न्याय करने के लिए दिप्पी ने खूब पापड़ बेले। इसे आठ दिन में किसी भी हालत में पूरा करना था, लेकिन इसके फाइनल शूट में 10 दिन एक्स्ट्रा लग गए। दीपिका बाजीराव मस्तानी में वॉरियर और लवर बनी हैं। दो महीने की ट्रेनिंग करने के बाद भी दिप्पी के चेहरे पर इस गीत के लिए इमोशंस नहीं आए। फिर उनके टीचर पंडित बिरजू महाराज ने अपने जमाने की मशहूर मधुबाला को दीपिका की रोल मॉडल बनाया और उन्हें उनके भाव कॉपी करने का कहा। बिरजू ने मधुबाला का झूमरू नाम का गीत कोरियोग्राफ किया था। उसी समय से वह मधुबाला के कायल हैं।

इसमें मधुवाला के साथ किशोर कुमार भी थे। बिरजू ने दीपिका को मधुबाला की धुन पर थिरकने के लिए कहा। जैसे मधुबाला नाचते समय अपने ऑनस्क्रीन लवर किशोर कुमार पर फोकस कर रही थीं। ठीक वैसे ही दिप्पी भी रणवीर के बारे में सोचे और वैसे ही उन पर फोकस करे । बिरजू के कहने के बाद दीपिका ने वैसे ही किया और कुछ ही पलों में उन्होंने इतने अच्छे एक्सपे्रशन दिए कि सभी देखते रह गए।

अब भले ही दीपिका मधुबाला न हों, लेकिन वह पंडित बिरजू महाराज की नई फेवरेट कथक डांसर बन गई हैं। बिरजू कई बार दिप्पी के समर्पण और डांस की तारीफ कर चुके हैं। सूज गए थे पैर  बिरजू महाराज की नई फेवरेट कथक डांसर बनने के लिए प्रियंका और दीपिका ने इतनी मेहनत की थी कि दिन भर नाचकर उनके पैरों में सूजन आ गई थी। खुद अपने और दीपिका के पैरों की तस्वीर प्रियंका चोपड़ा ने पोस्ट की थी। उन्होंने उसमें लिखा था कि हम थककर चूर गए हैं और पैरों ने जवाब दे दिया है, लेकिन हौसलों ने नहीं। यही नहीं फिल्म में दीपिका ने धनुष-बाण चलाने के लिए खास मेहनत भी की। दरअसल दीपिका ने अपने इस किरदार के साथ न्याय करने के लिए रिसर्च के साथ-साथ कई महीनों तक धनुष चलाने की रिहर्सल भी की है।

Shares