मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने दिए मंत्रिमंडल विस्तार के संकेत, आठ चेहरे आ सकते हैं कैबिनेट में

भोपाल। विधानसभा के शीतकालीन सत्र के बाद कभी भी मंत्रिमंडल विस्तार हो सकता है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने इस बात के संकेत दिए। एक कार्यक्रम के बाद मीडिया से बातचीत में चौहान ने कहा कि मंत्रिमंडल विस्तार की पूरी संभावना है। शिवराज कैबिनेट में अभी छह स्थान रिक्त हैं। संभावना है कि कुछ मंत्रियों की छुट्टी कर आठ नए चेहरे कैबिनेट में शामिल किए जा सकते हैं।

लंबे समय से शिवराज कैबिनेट में विस्तार की अटकलें लगाई जा रही हैं। अक्टूबर में सीएम की विदेश यात्रा फिर नवंबर में चित्रकूट चुनाव के चलते मंत्रिमंडल विस्तार लगातार टलता रहा है। माना जा रहा है कि विधानसभा के शीतकालीन सत्र के बाद सीएम अपनी टीम में नए साथियों को जोड़ सकते हैं।

मंत्रिमंडल में अभी सीएम सहित 29 मंत्री शामिल हैं। इस लिहाज से अभी छह और नए चेहरों को स्थान दिया जा सकता है। इसके अलावा कुछ कमजोर परफार्मेंस वाले मंत्रियों की छुट्टी भी की जा सकती है। अस्वस्थता के चलते भी कुछ मंत्रियों को अवकाश दिए जाने की चर्चा सत्ता और संगठन के बीच चल रही हैं।

माना जा रहा है कि कुसुम सिंह महदेले और हर्ष सिंह को स्वास्थ्य कारणों से अवकाश दिया जा सकता है। इसके अलावा जिन मंत्रियों का परफॉर्मेंस कमजोर रहा है, उनकी भी छुट्टी की जा सकती है। ऐसे मंत्रियों में सूर्यप्रकाश मीणा, गौरीशंकर बिसेन का नाम भी शामिल है। मीणा कई दिनों से चर्चा में बने रहे, वहीं बिसेन के खिलाफ आय से अधिक सम्पत्ति का मामला हाईकोर्ट में चल रहा है।

कैबिनेट विस्तार में मालवा निमाड़ को प्रतिनिधित्व मिलने की उम्मीद है। माना जा रहा है कि यश्ापाल सिंह सिसैदिया या लोकेन्द्र सिंह तोमर, जितेंद्र गेहलोत में से एक को कैबिनेट में स्थान दिया जा सकता है। इसी तरह धार से रंजना बघेल की फिर से कैबिनेट में वापसी हो सकती है। इंदौर को लेकर जो मंथन चल रहा है, उसमें रमेश मेंदोला या सुदर्शन गुप्ता में से कोई अथवा महेंद्र हार्डिया को लिए जाने पर चर्चा चल रही है।

बैतूल से हेमंत खंडेलवाल, छिंदवाड़ा से रमेश दुबे या चंद्रभान सिंह, विंध्य से शंकरलाल तिवारी या केदार शुक्ला में से एक को स्थान मिल सकता है। श्योपुर से दुर्गालाल विजय को भी कैबिनेट में लेने की सुगबुगाहट है। रतलाम-झाबुआ लोकसभा में मिली हार के मद्देनजर निर्मला भूरिया को भी मंत्रिमंडल में शामिल किए जाने पर विचार चल रहा है।

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