मनोज सिन्हा के अलावा संगठन मंत्री और प्रचारक भी सीएम की रेस में

लखनऊ, 18 मार्च । प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नए मुख्यमंत्री को लेकर अभी भी अटकलों का दौर जारी है। कल होने वाले मुख्यमंत्री के शपथ ग्रहण से पहले आज शाम राजधानी में नवनिर्वाचित विधायकों की बैठक में सीएम का लेकर फैसला होना है, लेकिन इससे पहले नई दिल्ली में शीर्ष नेतृत्व ने एक बार फिर इस बारे में गहन मन्थन किया। दरअसल तय कार्यक्रम के मुताबिक प्रदेश प्रभारी ओम माथुर, प्रदेश अध्यक्ष केशव मौर्य और प्रदेश महामंत्री (संगठन) सुनील बन्सल को सुबह राजधानी पहुंचना था, लेकिन ऐन वक्त पर सभी की फ्लाइट केन्सिल कर दी गई और इन्हें राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के घर बैठक के लिए बुलाया गया। इसके अलावा पार्टी के सांसद योगी आदित्यनाथ को भी नई दिल्ली से विशेष विमान भेजकर गोरखपुर से बुलाया गया। सूत्रों के मुताबिक बैठक में मुख्यमंत्री के नाम पर को लेकर फिर से चर्चा की गई। भाजपा सूत्रों की माने तो गृह मंत्री राजनाथ सिंह, गोरखक्ष पीठाधीश्वर एवं सांसद योगी आदित्यनाथ और प्रदेश अध्यक्ष केशव मौर्य ने केन्द्रीय रेल राज्य मंत्री मनोज सिन्हा के नाम पर केन्द्रीय नेतृत्व को अपनी असहमति जतायी है। अब ऐसे में कयास लगाये जा रहे हैं कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के किसी प्रचारक या पार्टी संगठन से जुड़े किसी प्रमुख व्यक्ति के नाम पर मुख्यमंत्री के लिए सहमति बन सकती है। वहीं इस बैठक के बाद प्रदेश अध्यक्ष केशव मौर्य ने कहा कि रविवार को होने वाले मुख्यमंत्री के शपथ ग्रहण कार्यक्रम को लेकर चर्चा की गई। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने नाम पर भी विचार विमर्श हुआ। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि अगर मैं यह नाम अभी सार्वजनिक कर दूंगा तो कुछ देर बाद लखनऊ में होने वाली विधायक दल की बैठक का महत्व खत्म हो जायेगा। केशव के इस बयान से कयास लगाये जा रहे हैं कि शीर्ष नेतृत्व ने मुख्यमंत्री का नाम तय कर लिया है और विधायकों की बैठक में इस नाम का प्रस्ताव रखकर इस पर औपचारिक रूप से सहमति ली जायेगी। इस बीच पार्टी के प्रदेश मुख्यालय में केशव मौर्य, मनोज सिन्हा और योगी आदित्यनाथ के समर्थकों की ओर से अपने-अपने नेताओं के पक्ष में नारेबाजी जारी। यह लोग अपने नेता को मुख्यमंत्री बनाये जाने के पक्ष में हैं। वहीं दूसरी ओर मुख्यमंत्री पद की रेस में सबसे आगे बताये जा रहे केन्द्रीय मंत्री मनोज सिन्हा ने शनिवार को वाराणसी पहुंचकर काल भैरव के दर्शन किये। इसके बाद उन्होंने बाबा विश्वनाथ और संकट मोचन मंदिर में बजरंगबली का भी आशीर्वाद लिया। खास बात है कि अभी तक खुद को मुख्यमंत्री की रेस में नहीं होने की बात कहने वाले मनोज सिन्हा ने बयान दिया है कि अगर अगर हाईकमान उन्हें यह जिम्मेदारी देता है तो वह उसे निभाने के लिए तैयार हैं। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि वह अपनी मौजूदा जिम्मेदारी से खुश हैं। ऐसे में मुख्यमंत्री के नाम पर सस्पेन्स बना हुआ है।

Shares