मध्यप्रदेश :भोपाल सहित 12 जिलों में ओलावृष्टि, फसलों को भारी नुकसान

 

भोपाल। भोपाल और आसपास के 12 जिलों में रविवार की दोपहर मौसम ने अचानक करवट बदली और तेज हवा के साथ बारिश और ओलावृष्टि शुरू हो गई। कई जगह करीब 10 से 15 मिनट तक लगातार ओले गिरे। ओलावृष्टि से जहां आम जनजीवन प्रभावित हुआ वहीं फसलों को भी नुकसान पहुंचा और तापमान में अचानक भारी गिरावट भी दर्ज की गई।

राजधानी के आसपास के जिलों होशंगाबाद,सीहोर, विदिशा,गुना,राजगढ़,बैतूल,हरदा व रायसेन जिलों में ग्रामीण अंचल में गेहूं,चना,मसूर और धनिया इत्यादि की फसलों को लगभग बीस फीसदी नुकसान होने की आशंका जताई जा रही है। मौसम विभाग के मुताबिक आने वाले तीन दिनों तक मौसम खराब रह सकता है।

भोपाल शहर में सुबह 8 से दोपहर 1 बजे तक धूप-छांव होती रही। दोपहर 1:45 बजे तेज हवा के साथ 10 मिनट तक शहर के अधिकांश इलाकों में ओले गिरे। 20 मिनट तक बारिश हुई। भोपाल में रविवार को शाम 5:30 बजे तक 13.3 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई।

बैतूल जिले शाहपुर,चिचोली और आठनेर क्षेत्र में पहावाड़ी,मगरडोह,रायपुर,हीरावाड़ी,कुंडी,बाका बरदा,बंजारीढाल,सातलदेही में बेर से बड़े आकार के ओले गिरे हैं। चिचोली नगर और उसके आसपास के ग्रामीण क्षेत्र में भी बेर से बड़े आकार के ओले गिरे।दलहनी फसलें कटाई पर आ गई थी। खेतों में रखी फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है।

सीहोर में बारिश के साथ करीब 15 मिनट तक बेर और चने के आकार के ओले गिरे। देखते ही देखते सड़कों पर सफेद रंग की चादर बिछ गई। ऐसा ही हाल आष्टा,नसस्र्ल्लागंज,इछावर,जावर,अमलाह,कोठरी सहित अंचल के ग्रामीण क्षेत्रों में रहा। सागर में बारिश व कुछ जगह ओलावृष्टि व तेज हवाओं से कुछ स्थानों पर फसलें जमीन में बिछ गई।

विदिशा जिले में सबसे ज्यादा ओले गुलाबगंज के ग्राम अंडिया में गिरे। गुना जिले केचांचौड़ा, आरोन, बमोरी, मधुसूदनगढ़ के कुछ गांवों में हल्की बारिश के साथ 2 से 3 मिनट चने के आकार के ओले गिरे। इससे धनिया का फूल गिरने और धनिया काला पड़ने की संभावना है। राजगढ़ जिले के इकलेरा व नहाली में 5 से 10 मिनट तक चने और बेर के आकार के ओले गिरे हैं। किसानों का कहना है कि ओले से हमारी फसलें बुरी तरह से बर्बाद हो गई हैं।

रायसेन जिले के सलामतपुर, बाड़ी, बेगमगंज, उदयुपरा, मंडीदीप, औबेदुल्लागंज, बरेली, देवरी में हल्की बारिश के साथ चने के आकर के ओले गिरे। हरदा जिले के टिमरनी और होशंगाबाद जिले के बनखेड़ी, वामनवाड़ा व खामखेड़ी में 10 मिनट ओलावृष्टि हुई।

बिजली गिरने से 12 मवेशियों की मौत

बिजली गिरने से छिंदवाड़ा जिले के सौंसर के पिपला नारायणवार में 13 मवेशियों और तीन बकरियों तथा बैतूल जिले के मुलताई क्षेत्र के सोनोली गांव में बिजली गिरने से दो मवेशियों की मौत हो गई। सागर जिले सेमरा गांव से निकले बीना-सागर स्ट्रेट हाईवे पर एक पेड़ के गिरने से करीब एक घंटे तक जाम की स्थिति बनी रही।

तीन दिन खराब रहेगा मौसम

मौसम विज्ञान केंद्र भोपाल के मौसम वैज्ञानिक पीके शाह ने बताया कि सोमवार-मंगलवार को भोपाल समेत ग्वालियर, चंबल संभाग, बैतूल, छिंदवाड़ा, रीवा, सतना, अनूपपुर, गुना, सिवनी व आसपास के इलाकों में ओलावृष्टि व बारिश होने के आसार बने रहेंगे। होशंगाबाद संभाग में भी अगले 48 घंटे के भीतर बारिश हो सकती है। 1 से 2 डिग्री तापमान गिरने से राजधानी समेत प्रदेश में ठंड बढ़ेगी। दो दिन बाद ग्वालियर, चंबल संभाग में कोहरा पड़ेगा।

मावठे के साथ गिरे ओले, देवास में एक ही परिवार के 6 सदस्यों के सिर फूटे

मालवा-निमाड़। अंचल में रविवार को मावठे के साथ ओले गिरे। देवास जिले में गेहूं की फसल आड़ी हो गई। कई गांवों में मकानों के पतरे उड़ गए।

ग्राम अमेली में खेत पर काम कर रहे एक ही परिवार के 6 सदस्य सिर पर ओले गिरने से घायल हो गए। खातेगांव, हरणगांव और नेमावर क्षेत्र के कई गांवों में बारिश व ओलों ने तबाही मचाई। चने की फसल की घेंटियां खिर गई।

खंडवा शहर सहित, पंधाना, सिहाड़ा और अन्य क्षेत्रों में आंधी के साथ ओले गिरने से खेतों में सफेद चादर बिछी नजर आई। इससे फसलों को नुकसान हुआ है।

शाजापुर, शुजालपुर, कालापीपल में रुक-रुककर बारिश हुई। शुजालपुर में दोपहर में आध्ो घ्ांटे तक ओलावृष्टि हुई। फसलों को लेकर किसान चिंतित हैं।

,
Shares