भोपाल: 10 साल के बेटे का शव यूं गोद में उठाकर घर के लिए चल पड़ा पिता

भोपाल। राजधानी का सबसे बड़ा अस्पताल हमीदिया फिर से अपने पुराने ढर्रे पर लौट आया है। बुधवार को एक दु:खी पिता स्ट्रेचर न मिलने पर अपने बेटे की लाश गोद में उठाकर घर के लिए निकल पड़ा। उल्लेखनीय है कि 23 दिसंबर, 2016 को मुख्यमंत्री ने अचानक हमीदिया अस्पताल का निरीक्षण करने के बाद डीन और अतिरिक्त मुख्य सचिव को हटा दिया था।-मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की सख्ती के बावजूद मप्र में स्वास्थ्य सेवाएं सुधरने का नाम नहीं ले रही हैं। बुधवार को राजधानी के सबसे बड़े अस्पताल में एक बार फिर संवेदनहीनता का मामला सामने आया है। यहां एक पिता स्ट्रेचर न मिलने पर अपने बेटे के शव को गोद में लेकर घर के लिए चल पड़ा। हालांकि बाद में उसे स्ट्रेचर मुहैया करा दिया गया।
-विदिशा जिले के ग्राम सेमरा त्योंदा के रहने वाले रतिराम वंशकार के बेटे जितेंद्र(10) की देर रात मौत हो गई थी। वह मंगलवार शाम को पेड़ से गिर गया था। उसे गंभीर चोटें आई थीं। जितेंद्र को गंभीर हालत में हमीदिया रेफर किया गया था। यहां इलाज के दौरान देर रात उसकी मौत हो गई।
-जितेंद्र की मौत के बाद अस्पताल ने उसका पोस्टमार्टम कराने की बात कही थी। हालांकि रतिराम ने पोस्टमार्टम से इनकार कर दिया। इस बीच जब उसे स्ट्रेचर नहीं मिला, तो वो बेटे का शव गोद में लेकर ही घर के लिए निकल पड़ा। हालांकि थोड़ी ही देर में उसे स्ट्रेचर मुहैया करा दिया गया।
-जितेंद्र की मां राजबाई ने रोते हुए अपनी पीड़ा सुनाई कि, जब वे अपने बेटे को इलाज के लिए हमीदिया लाए, तब उन्हें न तो स्ट्रेचर मिला और न समय पर इलाज। वे एक घंटे तक एक वार्ड से दूसरे वार्ड तक भटकते रहे।
-परिजनों का आरोप है कि नर्स ने बच्चे की मौत के बावजूद उसे ड्रिप चढ़ाई। जब उसका पेट फूलने लगा, तो स्टाफ घबराकर वहां से भाग लिया।

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