भोपाल : रोते हुए बोलीं पार्षद अफसर सुनते नहीं, ले लो इस्तीफा

भोपाल
नगर निगम परिषद की बैठक के दूसरे दिन उस समय हंगामा हो गया, जब गोविंदपुरा की पार्षद सीमा यादव ने अपने पार्षद पद के इस्तीफा देने की घोषणा की। उनकी बात सुनते ही पूरे सदन में हंगामा मच गया। सीमा यादव का कहना था कि उनकी बात को न तो परिषद में सुना जाता है और न ही अधिकारियों के द्वारा। क्षेत्र में पूरे विकास कार्य ठप्प पड़े हुए हैं और हम लोग बहुत परेशान हो रहे हैं। व्यथित सीमा यादव इस दौरान रुआंसी हो गर्इं। इस बात का लेकर कांग्रेसी पार्षदों का कहना था कि भाजपा के पार्षदों का यह हाल है तो हम लोगों की क्या हालत होगी। इस बात को लेकर ‘भाजपा शर्म करो-शर्म करो’ के कांग्रेसियों ने नारे लगाए। गौरतलब है कि नगर निगम की प्रशासनिक व्यवस्था फेल हो रही है। पार्षदों का आरोप है कि जनप्रतिनिधियों का इसके पहले इतना अपमान कभी नहीं हुआ। कोई अधिकारी मोबाइल रिसीव नहीं करता,पब्लिक के काम नहीं हो रहे हैं।
12 और 13 फरवरी को होगी विशेष बैठक
निगम परिषद की बैठक को संबोधित करते हुए महापौर आलोक शर्मा ने कहा बैठक में हर उन महत्वपूर्ण मसलों को लाया जाता है तो शहर के लिए आवश्यक होते हैं। उन्होंने घोषणा की 12 और 13 फरवरी को बैठक कर हर जोन मिलकर वहां के अन्य मुद्दों को लेकर विशेष चर्चा करेंगे। इसमें सभी अधिकारियों को आना होगा, जो नहीं आएंगे उनके खिलाफ कार्यवाही की जाएगी। शहर की वित्तीय स्थिति क्यों गड़बड़ है, कौन जिम्मेदार है और इसको कैसे दुरूस्त किया जा सकता है, इस बात को लेकर चर्चा की जाएगी। सभी पार्षद इस बात का स्टेटमेंट दें कि कौन-कौन से काम रूके पड़े हैं उस पर कार्यवाही की जाएगी। इसके पहले परिषद की एजेंडे के अनुसार उनको पारित किया गया। इनमें से केवल दो एजेंडों पर आब्जेक्शन आया।
कंप्लीशन सर्टिफिकेट क्रेडाई सदस्यों को मिला स्टे
कंप्लीशन सर्टिफिकेट के मामले में के्रडाई के सदस्यों  के अधिकांश प्रोजेक्ट पूर्णत: प्रावधानों के अनुरूप हैं। इसके समर्थन में  गलत दिवस हाईकोर्ट जबलपुर और जिला न्यायालय भोपाल ने स्थगन आदेश जारी किया है। यह जानकारी के्रडाई के अध्यक्ष वासिक हुसैन ने दी। उन्होंने बताया कि  नगर पालिक निगम भोपाल द्वारा भूमि विकास नियम 2012 की धारा 25 के अंतर्गत दिए गए कारण बताओ नोटिस एवं जांच समिति की वैधता को अधिवक्ता उच्च न्यायालय में सिद्धाई राधे लाल गुप्ता एवं भोपाल जिला न्यायालय में आकाश तेलंग ने चुनौती दी थी। जिसे दोनों न्यायालय द्वारा जांच की कार्यवाही एवं नोटिसों को न्याय हित में स्थगन करने का आदेश दिया गया है।

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