भोपाल :नर्मदा ट्रामा सेंटर को मिला प्रदेश का दूसरा “एन.ए.बी.एच.नर्सिंग एक्सीलेंस सर्टीफिकेशन”

 

गुणवत्ता के मापदंड आज विश्वभर में सभी सेवा और उत्पादन के क्षेत्र मेंअपनाये जा रहे हैं .और जब बात स्वास्थ्य क्षेत्र की हो तो गुणवत्ता और अधिक महत्वपूर्ण हो जाती है.

इसी बात को ध्यान में रखकर 11 वर्ष पूर्व 2006में ” नर्मदा ट्रामा सेंटर” की स्थापना करने वाले डायरेक्टर द्वय डॉ राजेश शर्मा एवं डॉ रेणु शर्मा ने कुछ वर्ष पूर्व अंतराष्ट्रीय मानकों को हेल्थ क्षेत्र में लागू करने वाली संस्था “एन.ए.बी.एच.” से सर्टिफिकेशन प्राप्त करने के लिए प्रयास आरम्भ किये . आज सामान्यजन में एन.ए.बी.एच. को लेकर जागरूकता का आभाव है . “एन.ए.बी.एच.” वास्तव में ” नेशनल एक्रेडिटेशन बोर्ड फॉर हॉस्पिटल एंड हेल्थ केयर प्रोवाइडर्स ” होता है. यह एक स्वतंत्र इकाई है , जो QCI { क्वालिटी काउन्सिल ऑफ़ इंडिया} एवं ISQUA से सम्बद्ध है .

क्वालिटी कौंसिल ऑफ़ इंडिया {QCI } और उसकी संस्था :एन.ए.बी.एच . ने सभी अस्पतालों और स्वास्थ्य सुविधाएँ देने वालों के लिए विस्तृत स्वास्थ्य मापदंड या स्टैंडर्स तैयार किये हैं.एन.ए.बी.एच . प्राप्त करने के लिए इन मापदंडों को जो लगभग 650 मूलभूत उद्देश्यों { objective elements } से बने होते हैं को हॉस्पिटल में लागू करना होता है .

इन स्टैण्डर्ड एलिमेंट्स का पालन करवाने के लिए अस्पताल की हर गतिविधि में प्रक्रिया आधारित दृष्टिकोण का पालन करने की ज़रूरत पड़ती है जैसे रजिस्ट्रेशन , एडमिशन ,प्री-सर्जरी , पेरी -सर्जरी पोस्ट -सर्जरी प्रोटोकॉल्स , अस्पताल से डिस्चार्ज से लेकर मरीज़ के फॉलो अप में अस्पताल में आने तक.

आज नर्मदा ट्रामा सेंटर के कॉर्पोरेट हॉल में डॉ राजेश शर्मा एवं डॉ रेणु शर्मा ने एक पत्रकार वार्ता को सम्बोधित किया .

डॉ राजेश शर्मा ने प्रेस वार्ता को सम्बोधित करते हुए कहा कि मेरे पिता ने मुझसे बहुत वर्ष पूर्व कहा था कि एक ऐसा अस्पताल होना किये जो इंटरनेशनल लेवल कि सेवाएं दे और मरीज़ को इलाज शुरू करने के लिए इलाज के पूर्व पैसे न जमा करवाने पड़े .जब मैंने 2006 में यह ट्रामा सेंटर शुरू किया तभी से उच्च गुणवत्ता कि चिकित्सा हर मरीज़ को मिले इस उद्देश्य को लेकर कार्य किया और आज हमारी उसी गुणवतता को मान्यता एन.ए.बी.एच सर्टिफिकेशन के रूप में मिल गयी है . हम पहले दिन से ही सभी उच्च गुणवतात मापदंडो का पालन कर रहे हैं पर”एन.ए.बी.एच” से उन सभी को प्रॉपर डॉक्यूमेंटेशन मिला और नए अंतराष्ट्रीय पैरामीटर को भी हम अपनी संस्था में लागू कर पाए .

संस्था कि डायरेक्टर डॉ रेणु शर्मा ने बताया कि हम अपने यहाँ हर मरीज़ को ड्यटीशियन कि सलाह से आर्गेनिक भोजन निशुल्क दिया जाता है. हमारे सारे वार्डो ओ. टी ., आई. सी . यू आदि का नियमित कल्चर जाता है , जो वर्ल्ड हेल्थ आर्गेनाइजेशन एवं सेंटर फॉर डिजीज के मापदंडों पर ज़रूरी होता है . हमारे सभी नर्सिंग स्टाफ क्वालिफाइड होते हैं . मरीज़ को दी जाने वाली सभी चिकित्सा सेवाओं का मूल्यांकन आंतरिक “”एन.ए.बी.एच.” द्वारा निर्धारित आंतरिक कमेटी द्वारा किया जाता है और यदि कमी रह जाती है तो उसे निरंतर सुधर प्रक्रिया एवं स्टाफ ट्रेनिंग के माध्यम से ठीक किया जाता है .अतः “एन.ए.बी.एच.” से एक सामान्य मरीज़ को अनेकानेक चिकित्सीय सेवाओं कि उच्च गुणवत्ता निर्धारित होतीं है .आज विश्व स्तर पर अपने इस”एन.ए.बी.एच. लोगो के माद्यम से बड़े गर्व से अपने मरीज़ों श्रेष्ठ चिकित्सा सेवा का लाभ दे रहे हैं

 

 

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