भोजपाल होना चाहिए भोपाल का नाम:आलोक शर्मा

भोपाल का नाम बदलकर यदि भोजपाल किया जाए तो इससे भोपाल की खासियतों को और लोकप्रिय बनाया जा सकता है। क्योंकि भोपाल के इतिहास और यहां की कला वैदिक व वैश्विक स्तर पर लोकप्रिय है। भोपाल का नाम बदलकर भोजपाल ही किया जाना चाहिए। राजा भोज के वैदिक नगर की खोज भी की जानी चाहिए।

महापौर आलोक शर्मा ने यह बात कहकर फिर एक बार भोपाल के नाम परिवर्तन की बहस छेड़ दी है। वे प्रशासन अकादमी में शुक्रवार को आयोजित तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी को संबोधित कर रहे थे। संगोष्ठी का विषय ‘राजा भोज का वास्तुकला और नगर नियोजन में योगदान पर उसकी प्रासंगिकता’ था। शर्मा ने शोधार्थियों से इस पर शोध करने की बात भी कही।

इस दौरान महापौर ने एक्सपर्ट से राय मांगी कि भोजपाल को कैसे भोपाल कर दिया गया, इसे हम फिर से भोजपाल करेंगे। केंद्र को भेजा था प्रस्ताव एक मार्च 2011 को प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने राजा भोज के राज्योहण के सहस्त्राब्दी समारोह में भोपाल का नाम भोजपाल किए जाने की घोषणा की थी। इसके लिए केंद्र सरकार को भोपाल का नाम बदलने के लिए प्रस्ताव भी बनाकर भेजा था। इससे पहले ही बड़ी झील पर स्थापित राजा भोज की प्रतिमा का अनावरण किया गया था।

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