बिजली दरों में होगी बढ़ोतरी, सरकार को भेजा प्रस्ताव

भोपाल, 20 मार्च । मध्यप्रदेश में विद्युत कंपनियों ने एक बार फिर बिजली की दरें बढ़ाने की तैयारी शुरू हो गई है। इसके लिए पश्चिमी क्षेत्र विद्युत वितरण कं. द्वारा फिर से बिजली दरों में बढ़ोतरी के लिए प्रस्ताव सरकार के साथ ही विद्युत नियामक आयोग के समक्ष प्रस्तुत कर दिया। इधर, नियामक आयोग ने भी सुनवाई कर ली है और अब हमेशा की तरह दरें बढ़ाने की तैयारियां चल रही हैं और जल्द ही इस मामले में जनता पर अतिरिक्त बोझ बढ़ने वाला है। आपत्तियों के बावजूद दरें बढ़ना तय माना जा रहा है जबकि घरेलू उपभोक्ताओं को परेशानी हो रही है। कंपनी अफसरों के मुताबिक सालाना पश्चिमी क्षेत्र की कमाई एक हजार करोड़ रुपये बताई जा रही है और लगभग इसी तरह की स्थिति मध्य व पूर्वी क्षेत्र की बिजली कंपनियों की है फिर भी बार-बार लाइन लॉस बताकर दरें बढ़ाने को कहा जाता है। वर्ष 2017-18 के प्रस्तावित दरें नियामक आयोग के समक्ष भेजी थीं, जिसके अंतर्गत घरेलू कनेक्शन पर 10.65 प्रतिशत, गैर घरेलू पर 10.28 प्रतिशत निम्न दाब उद्योग पर 6.88 प्रतिशत, औद्योगिक कमर्शियल कनेक्शन पर 9.17 प्रतिशत दरें बढ़ाई जा सकती हैं। नियामक आयोग जल्द ही इस मामले में फैसला करने जा रहा है। बिजली कंपनी द्वारा सरकार के अधीन ऊर्जा विभाग के साथ ही नियामक आयोग को बार-बार घाटे का सौदा बताया जाता है जबकि जहां से लाइन लॉस हो रहा है वहां पर सुधार कार्य नहीं हो पाने से भी परेशानी बनी हुई है। यदि कंपनी द्वारा सुधार किया जाता है तो लाइन लॉस कम हो सकता है लेकिन लापरवाही बरतने और बेहतर उपकरणों का इस्तमाल नहीं करने से भी परेशानी बनी हुई है।

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