पीएचक्यू में पदस्थ स्पेशल ब्रांच की महिला सब इंस्पेक्टर ने पिता के साथ मिलकर 22 लाख हड़पे, एफआईआर

 

 

 

भोपाल-

पुलिस मुख्यालय की स्पेशल ब्रांच(एसबी) शाखा में पदस्थ सब इंस्पेक्टर अर्चना नागर ने अपने पिता बंसत कैलाश नारायण के साथ मिलकर एक ठेकेदार से सवा 26 लाख की धोखाधड़ी कर दी । आरोपी बाप-बेटी ने ठेकेदार को भोपाल रेलवे स्टेशन पर बाइक और कार पार्किंग ठेके में पार्टनरशिप का ऑफर देकर इस वारदात को अंजाम दिया। आरोपियों ने रकम का डिमांड ड्राफ्ट हाथ में आने के बाद ठेकेदार को पहचानने से इंकार कर दिया। गोविंदपुरा थाना पुलिस ने आवेदन जाचं पर आरोपी बाप-बेटी के खिलाफ धोखाधड़ी समेत अन्य धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज किया है।

जानकारी के मुताबिक इंडस टाउन होशंगाबाद रोड निवासी राहुल पिता अरविंद चतुर्वेदी(32) रेलवे और नगर निगम के पार्किंग ठेकेदार हैं। उन्होंने बताया कि खरगोन निवासी अर्चना नागर और उनके पिता बसंत कैलाश नारायण ने मुझ से मोबाइल फोन पर संपर्क किया था। दोनों ने मुझे अपने साथ रेलवे में पार्किंग का ठेका बराबर की पार्टनरशिप का ऑफर दिया था, ऑफर अच्छा था था।उसके बाद दोनों से मुलाकत हो गई।

 

राहुल के अनुसार बीती 8 अगस्त को आईसीआईसीआई बैंक की अरेरा कॉलोनी ब्रांच से 11 लाख 11 हजार रूपए और 1 लाख 99 हजार 980 रूपए के दो डिमांड ड्राफ्ट बनवाए। उसके बाद 23 अगस्त को आईडीबीआई की मंडीदीपी ब्रांच से 13 लाख 13 हजार रूपए का एक ओर डिमांड ड्राफ्ट बनाकर अर्चना नागर और उनके पिता बसंत कैलाश नारायण को डीआरएम ऑफिस के बाहर कुल 26 लाख 23 हजार 980 रूपए के तीनों डिमांड ड्राफ्ट दिए थे। उन्होंने मुझ से कहा था कि अब तुम हमारे बराबर के पार्टनर बन गए हो। वहीं दस दिन बाद मिलने की बात कही। जब मैं बीती 5 सितंबर को अर्चना और उनके पिता से मिला तो उन्होंने दो-तीन दिन बाद मिलने को कहा।

बीती 6 सितंबर को जब राहुल अर्चना और उनके पिता से मिलने रेलवे स्टेशन पहुंचे तो पता चला कि बाप-बेटी ने मिलकर किसी राजेन्द्र सिंह राजपूत को अपना पार्टनर बनाकर ठेका उसे दे दिया है। इसके बाद जब राहुल ने दोनों से बात करनी चाही तो उन्होंने उसे पहचानने से इंकार कर दिया। घटना के बाद राहुल ने आरोपी बाप-बेटी के खिलाफ धोखाधड़ी की शिकायत की थी। इधर, अर्चना नागर के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने के बाद उनका पक्ष जानने के लिए नवदुनिया संवाददाता ने उनको फोन भी किए और मैसेज कर उनको पक्ष मांगा, लेकिन उन्होंने इसका कोई जबाव नहीं दिया।

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