पश्चिम बंगाल: चक्रवात बुलबुल से भारी तबाही,

कोलकाता,  पश्चिम बंगाल में चक्रवात बुलबुल से भारी तबाही हुई है। समुद्र तटीय इलाकों में हाहाकार है। बुलबुल की मार से करीब एक लाख 65 हजार लोग विस्थापित हुए हैं। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने नियंत्रण कक्ष पहुंचकर हालात की जानकारी ली। नुकसान का आकलन ड्रोन से किया जाएगा।
चक्रवात बुलबुल ने शनिवार रात करीब 8:00 बजे धरातलीय क्षेत्र में प्रवेश किया। करीब चार घंटे तक समुद्र के तटीय क्षेत्रों में उथल-पुथल मचा रहा। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने राज्य सचिवालय नवान्न में बैठकर हालात पर निगरानी रखी। रात करीब 12:00 बजे ममता बनर्जी ने इस बारे में मीडिया से बात की।
उन्होंने कहा कि चक्रवात बुलबुल से 100 से 200 किलोमीटर के क्षेत्र में तबाही हुई है। वास्तविक स्थिति का आकलन करने के लिए रविवार सुबह से कोलकाता पुलिस का विशेष ड्रोन उड़ाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रभावित लोगों की हर संभव मदद की जा रही है। चक्रवात से करीब एक लाख 65 हजार लोग विस्थापित हुए हैं। इन लोगों को 118 शिविरों में रखा गया है।
मौसम विभाग ने कहा है कि बुलबुल चक्रवात ने रात 8:00 बजे रात 12:00 बजे तक तांडव मचाया है। कोलकाता में हवा की गति 60 किलोमीटर प्रति घंटे और अन्य जिलों में 100 से 110 किलोमीटर प्रति घंटे रही।कच्चे मकान ध्वस्त हो गए। कई इमारतों की छतें उड़ गई हैं। बड़ी संख्या में पेड़ टूटकर गिर गए हैं। हजारों घरों की टीन की छत उड़ गई है। बुलबुल का सबसे अधिक असर पूर्व और पश्चिम मेदिनीपुर जिले में हुआ है। उत्तर और दक्षिण 24 परगना में भी लाखों लोग प्रभावित हुए हैं। दीघा, नामखाना, सुंदरबन जैसे पर्यटन क्षेत्रों के हजारों परिवार विस्थापित हुए हैं। रात को चक्रवात से जनहानि की सूचना नहीं है।

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