नोटबन्दी के बाद कैश डिपॉजिट पर टैक्स से करीब छह हजार करोड़ रुपये जमा

नई दिल्ली, 18 मार्च । नोटबंदी के पहले चरण में आयकर विभाग द्वारा काले धन के खिलाफ अभियान चलाया गया था, जिसमें 50 लाख या उससे अधिक जमा करने वालों पर नजर रखी गई। नोटबन्दी के बाद से विभाग द्वारा ईमेल और एसएमएस इन जमाकर्ताओं को भेजे गए थे। कैश डिपॉजिट पर टैक्स से करीब 6,000 करोड़ रुपये जुटाए हैं। कई लोग सजा से बचने के लिए टैक्स देने को तैयार हो गए हैं। ओडिशा जैसे गरीब राज्य में भी हजारों लोगों को ऐसे ईमेल और एसएमएस भेजे गए हैं। काले धन के खिलाफ बनाई गई एसआईटी के वाइस चेयरमैन जस्टिस अरिजित पसायत ने बताया कि नोटबंदी की घोषणा के बाद से केंद्र ने अघोषित आय को लेकर यह कमेटी बनाई थी। उन्होंने संभावना व्यक्त की है कि अघोषित कैश पर टैक्स के जरिए अभी और पैसा जुटाया जा सकता है। उल्लेखनीय है कि 500 और 1000 के पुराने नोटों को बैन कर दिए जाने के बाद टैक्स अधिकारियों ने उन लोगों से ब्यौरा मांगा था जिन्होंने एक मुश्त पैसा अपने और दूसरों के अकाउंट में जमा कराया था। हालांकि, कई लोग सजा से बचने के लिए अपनी अघोषित आय पर 60 प्रतिशत टैक्स पेनल्टी देने को तैयार हो गए है। जो कि अब बढ़ाकर 75 फीसदी कर दी गई है। एसआईटी चेयरमैन जस्टिस एम.बी. शाह के साथ काला धन के खिलाफ ईडी, सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्स, सीबीआई और अन्य एजेंसियों द्वारा चलाए गए अभियान की निगरानी कर रहे पसायत ने कहा, ‘टैक्स अधिकारियों ने अब तक करीब 6,000 करोड़ रुपये इकट्ठे किए हैं।’

Shares