नोटबंदी के बाद खाते में बड़ी रकम के जमाकर्ता भरें रिटर्न : आयकर विभाग

नई दिल्ली। नोटबंदी के दौरान खाते में बड़ी रकम जमा कराने वाले लोगों और सभी कंपनियों को 31 मार्च तक रिटर्न दाखिल करना होगा। ऐसा नहीं करने पर उन्हें जुर्माने और अभियोग का सामना करना पड़ेगा। आयकर विभाग ने इस संबंध में शुक्रवार को विभिन्न प्रतिष्ठित समाचार पत्रों में इस संबंध में विज्ञापन जारी किया है।

विभाग ने इस सीमा में आने वाले ट्रस्टों, राजनीतिक दलों और संगठनों को भी रिटर्न भरने का निर्देश दिया है। विज्ञापन में आयकर विभाग ने कहा कि आकलन वर्ष 2016-17 (वित्त वर्ष 2015-16) और 2017-18 (वित्त वर्ष 2016-17) के विलंबित या संशोधित रिटर्न के लिए यह आखिरी चेतावनी है।

अब भी समय है कि लोग आखिरी तारीख की आपाधापी से बचते हुए समय पर अपना रिटर्न भर दें। जिसने अपने खाते में बड़ी नकदी जमा कराई है या बड़ा लेनदेन किया है, वह रिटर्न भरते हुए उसका पूरा उल्लेख अवश्य करें।

रिटर्न नहीं भरने या गलत भरने पर जुर्माने और अभियोग का भी सामना करना पड़ सकता है। आयकर विभाग ने कंपनियों और एलएलपी को भी अंतिम तारीख से पहले ही रिटर्न दाखिल करने के लिए कहा है। आयकर के दायरे में आने वाले ट्रस्टों, एसोसिएशनों और राजनीतिक दलों के लिए भी यही अंतिम तारीख होगी।

व्यक्तिगत और हिंदू अविभाजित परिवार को 2.5 लाख रुपये से अधिक की आय पर, वरिष्ठ नागरिकों (60-80 वर्ष) को तीन लाख से ज्यादा की आय पर और 80 वर्ष से अधिक की आयु वाले नागरिकों को पांच लाख से अधिक की आय पर रिटर्न दाखिल करना होगा।

प्रत्यक्ष कर राजस्व 19 फीसद बढ़ा-

प्रत्यक्ष कर संग्रह के मोर्चे पर सरकार को बड़ी सफलता मिली है। चालू वित्त वर्ष के शुरुआती 10 महीनों में प्रत्यक्ष कर संग्रह 19.3 फीसद बढ़कर 6.95 लाख करोड़ के स्तर पर पहुंच गया है। सरकार ने चालू वित्त वर्ष में प्रत्यक्ष कर संग्रह का संशोधित लक्ष्य 10.05 लाख करोड़ रुपये का रखा है।

अब तक इसके 69.2 फीसद के बराबर कर संग्रह हो चुका है। आंकड़ों के मुताबिक, कॉरपोरेट इनकम टैक्स में 19.2 फीसद व पर्सनल इनकम टैक्स में 18.6 फीसद की वृद्धि हुई।

 

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