नवरात्र में पांच दिन खास संयोग, रामनवमी पर पुष्य नक्षत्र

भोपाल/गुना, 23 मार्च । इस बार चैत्र नवरात्र खास संयोग लेकर आ रहे हैं। नवरात्र के पांच दिन जहां खास हैं, वहीं 5 अप्रैल को पड़ने वाली रामनवमी पुष्य नक्षत्र में होने के कारण लाभ देने वाली रहेगी। इस बार का नववर्ष मिलाजुला असर देने वाला रहेगा। नवदुर्गा और रामनवमी के त्योहार को लेकर मंदिरों में अभी से तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। चैत्र नवरात्र इस बार आठ दिन के रहेंगे। इसका कारण पड़वा एवं दूज तिथि एक साथ पड़ेगी। इसकी शुरुआत 29 मार्च और समापन 5 अप्रैल को होगा। इस बार श्रीरामनवमी पर पुष्य नक्षत्र रहेगा। इस बार रामनवमी को अधिक शुभ माना जा रहा है। भगवान श्रीराम का जन्म नवमी पर पुष्य नक्षत्र में हुआ था। इस बार भी नवमी पर पुष्य नक्षत्र पड़ रहा है। इसलिए श्रद्धालुओं के लिए यह दिन विशेष रहेगा। हरी वस्तुएं होंगी महंगी पंडित लखन शास्त्री के अनुसार इस वर्ष का राजा बुध और मंत्री बृहस्पति होने से शिक्षा, व्यापार, सोना-चांदी, कृषि, टेक्नॉलॉजी के क्षेत्र में विशेष लाभ मिलेगा। बुध हरी वस्तुओं के स्वामी हैं। इनके भाव में वृद्धि होगी। सब्जियों के भाव भी ज्यादा रहेंगे। पंडित शास्त्री ने बताया 29 मार्च को गुड़ी पड़वा, विक्रम नव संवत्सर व चैत्र नवरात्र का शुभारंभ होगा। 4 अप्रैल को महाष्टमी का पूजन होगा। 5 अप्रैल रामनवमी को इस बार पुष्य नक्षत्र योग रहेगा। यह योग मंगलवार रात 2.34 बजे से शुरू होकर बुधवार दोपहर 1.40 बजे तक रहेगा। नवरात्र में यह 5 दिन रहेंगे विशेष ज्योितषाचार्यों के मुताबिक नवरात्र के पांच दिन विशेष तिथियों के कारण खास रहेंगे। 29 मार्च को गुड़ी पड़वा, नवसंवत्सर, 30 को गणगौर, 31 को विनायक चतुर्थी, 4 अप्रैल को दुर्गाष्टमी है। इसके बाद 5 अप्रैल को रामनवमी रहेगी।

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