दो जनपद पंचायत के सीईओ निलंबित

होशंगाबाद, 03 मार्च, । नर्मदापुरम् संभाग कमिश्नर उमाकांत उमराव ने शौचालय के निर्माण कार्य में रूचि ना लेने पर, सी एम हैल्प लाइन की शिकायतो पर समय सीमा में कार्रवाई ना करने पर तथा वरिष्ठ अधिकारियो के द्वारा दिए गए निर्देशों का पालन नहीं करने पर बाबई जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी के के ओझा को म.प्र. सिविल सेवा नियम 1966 के नियम नौ के अंतर्गत तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। निलंबन अवधि में के के ओझा का मुख्यालय जिला पंचायत होशंगाबाद निर्धारित किया गया है। उन्हें नियमानुसार जीवन निवर्हन भत्ते की पात्रता रहेगी। उल्लेखनीय है कि कलेक्टर अविनाश लवानिया ने केके ओझा के द्वारा शासकीय कार्यो में बरती जा रही लापरवाही के संबंध में कमिश्नर को प्रतिवेदन भी प्रस्तुत किया था जिस पर कार्यवाही करते हुए कमिश्नर ने के के ओझा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। कमिश्नर ने स्वच्छ भारत मिशन, प्रधानमंत्री आवास योजना, इंदिरा आवास योजना एवं मनरेगा योजना में जनपद पंचायत सोहागपुर द्वारा प्रगति जनक कार्य ना किए जाने पर सोहागपुर के जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी बीएल मवासे को म.प्र. सिविल सेवा नियम 1966 के नियम नौ के अंतर्गत तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। निलंबन अवधि में बीएल मवासे का मुख्यालय जिला पंचायत होशंगाबाद निर्धारित किया गया है। निलंबन अवधि मे उन्हें जीवन निर्वहन भत्ते की पात्रता रहेगी।

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