देशभर में 21 दिन का लॉकडाउन, खान-पान व आवश्यक वस्तुओं का विनिमय रहेगा जारी…

 

नई दिल्ली,  प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा घोषित 21 दिनों के लॉकडाउन को लेकर गृह मंत्रालय ने दिशा निर्देश जारी किए हैं, जिसके तहत आवश्यक सेवाओं, दवा व खाने-पीने के सामान से जुड़े दुकानों को इससे बाहर रखा गया है।

गृह मंत्रालय के दिशा निर्देशों के मुताबिक लॉकडाउन के दायरे से खाने-पीने के सामान, राशन की दुकानों को बाहर रखा गया है। हालांकि जिला अधिकारियों को कहा गया है कि लोगों को बाहर न जाना पड़े इसके लिए उन्हें घर पर ही सुविधाएं मुहैया कराने का प्रयास करें। खाने-पीने और मेडिकल से जुड़े ई-कॉमर्स बाजार को भी दायरे बाहर रखा गया है।

जिला मैजिस्ट्रेट को कार्यकारी मैजिस्ट्रेट को इंसीडेंट कमांडर के तौर पर स्थानीय जूरिडिक्शन में तैनात करने के लिए कहा गया है। इसका काम सभी तरह के उपायों का पालन कराना होगा। वही लोगों को आवश्यक सुविधाओं की आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए पास भी जारी करेगा। सभी प्रवर्तन निकायों से कहा गया है कि लॉकडाउन का पालन कराते समय यह सुनिश्चित करें की लोगों को आवश्यक सेवाओं और सामग्री को लेने के लिए जाने से न रोका जाए। स्वास्थ्य क्षेत्र को पूरी तरह से इस लॉकडाउन से बाहर रखा गया है।

इसके अलावा बैंक व बीमा दफ्तर और एटीएम पहले की तरह काम करते रहेंगे। प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया, टेलीकम्युनिकेशन, इंटरनेट सेवा, ब्रॉडबैंड व केबल सेवा, आवश्यक कार्यों से जुड़ी आईटी सेवाओं को इससे बाहर रखा गया है। साथ ही कहा गया है कि कोशिश की जाए की ज्यादातर काम काम घर से हों।

रक्षा, सुरक्षा, संसाधनों, सार्वजनिक सुविधाओं, आपदा प्रबंधन, पावर जनरेशन, पोस्ट ऑफिस, राष्ट्रीय जानकारी केंद्र और चेतावनी एजेंसियां को छोड़कर सभी सरकारी कार्यालय व उनके उप-कार्यालय पूरी तरह से बंद रहेंगे।

पेट्रोल पंप, एलपीजी, पेट्रोलियम और गैस से जुड़े रिटेल आउटलेट, पावर जनरेशन-ट्रांसमिशन-डिस्ट्रीब्यूशन यूनिट, सिक्योरिटी और एक्सचेंज बोर्ड, कोल्ड स्टोरेज, वेयरहाउसिंग सेवा और प्राइवेट सिक्योरिटी सर्विसेज इससे बाहर रहेंगी। आवश्यक सामग्री और केंद्र व राज्य सरकारों द्वारा अनुमति प्राप्त उत्पादन इकाइयां काम करती रहेंगी।

लॉकडाउन के दौरान सड़क, रेल व हवाई यातायात पूरी तरह से बंद रहेगा। केवल अग्निशमन, कानून-व्यवस्था, आवश्यक वस्तुओं को लाने ले जाने से जुड़ा यातायात जारी रहेगा।

होटलों में फंसे हुए लोगों, आवश्यक सुविधाएं प्रदान करने वाले लोगों को छोड़कर सभी प्रकार के होटल व हॉस्पिटैलिटी सेवाएं बंद रहेंगी। शिक्षा से जुड़े हुए सभी संस्थान और धार्मिक गतिविधियां पूरी तरह बंद रहेंगे। सामाजिक, राजनीतिक, खेल, मनोरंजन, शिक्षा, संस्कृति, धार्मिक गतिविधियों से जुड़ा एकत्रीकरण पूरी तरह से बंद रहेगा प्रतिबंधित रहेगा।

दिशा-निर्देशों के मुताबिक 15 फरवरी के बाद विदेश से आने वाले सभी लोगों और स्वास्थ्यकर्मियों द्वारा चिन्हित किए गए लोगों को पूरी तरह से घर में रहना होगा। अगर इसका उल्लंघन करते हैं तो उन पर कानूनी कार्रवाई होगी।

सरकार ने यह भी कहा है कि जिन लोगों को इन लॉकडाउन से बाहर रखा गया है। उन्हें भी कोविड-19 के प्रसार को रोकने संबंधी दिशा-निर्देशों का पालन करना होगा। सरकार का कहना है कि लॉकडाउन से जुड़े प्रावधानों का उल्लंघन करने वाले के खिलाफ आपदा प्रबंधन कानून की धारा-51 और 77 के साथ आईपीसी के सेक्शन-188 के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी।Hs

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