जीत नहीं सकता तो गाली देकर भड़ास निकाल रहा विपक्ष:पीएम मोदी

जीत नहीं सकता तो गाली देकर भड़ास निकाल रहा विपक्ष:पीएम मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बिहार के बक्सर में चुनावी जनसभा को संबोधित किया. संबोधन की शुरुआत में ही मोदी ने विपक्ष पर प्रहार करते हुए कहा कि विपक्ष में खलबली इसलिए है क्योंकि 6 चरण में नतीजे एनडीए के पक्ष में रहे. विपक्षी इसीलिए गाली दे रहे हैं.

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ‘आपके इस उत्साह और समर्थन का परिणाम है कि 6 चरणों के बाद विरोधी दलों की हालत पस्त है और उनके नेताओं का गुस्सा सातवें आसमान पर है. इसलिए ही मोदी को गाली देने की प्रतियोगिता तेज हो गई है. जीत तो सकते नहीं, गाली देकर ही अपने मन की भड़ास निकाल रहे हैं.’

2019 का चुनाव भविष्य के लिए निर्णायक
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि ये चुनाव सिर्फ ये तय करने के लिए नहीं है कि कौन सा दल या गठबंधन जीतेगा, बल्कि ये चुनाव तय करेगा कि आने वाले वर्षों में भारत कितनी तेजी से विकास करेगा. ये चुनाव 21 वीं सदी के हमारे बच्चों का भविष्य तय करेगा.

प्रधानमंत्री मोदी अपनी जीत प्रति आश्वस्त हैं. उन्होंने कहा कि 23 मई को आने वाले नतीजे में हमारी जीत पक्की है. लेकिन इच्छा यही है कि भव्य अंतर के साथ जीत हासिल की जाए.

विपक्ष जातियों को समझता है अपना गुलाम
विपक्ष को महामिलावटी बताते हुए मोदी ने जनता से सवाल किया कि ये महामिलावट वाले भारत की विकास की बात करते हैं क्या? मोदी ने कहा, ‘ये लोग सिर्फ और सिर्फ अपना हित करना जानते हैं, गरीबों का नहीं. इन लोगों ने समझ लिया है कि कुछ जातियां उनकी गुलाम हैं, जैसे कहेंगे, उस जाति के लोग वैसा ही करेंगे.’

काम करने के नाम पर भूले गरीब
प्रधानमंत्री मोदी ने विपक्ष की आलोचना करते हुए कहा कि ये वो लोग हैं, जिन्होंने दशकों तक गरीबों के नाम पर वोट बटोरे, बड़े-बड़े पद हासिल किए, लेकिन जब काम करने की बारी आई, तो सबसे पहले गरीबों को ही भूल गए. ये लोग भी गरीबी से निकले थे, लेकिन इन लोगों ने आज हजारों करोड़ों की संपत्ति खड़ी कर ली है.

130 करोड़ लोग मोदी का परिवार
खुद को ईमानदार बताते हुए नरेंद्र मोदी ने कहा, ‘आपका ये सेवक गुजरात में सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहा, पांच साल से देश का प्रधानमंत्री है. लेकिन एक पल के लिए भी न मैं अपने लिए जीया हूं और न ही अपने रिश्तेदारों के लिए. मेरे लिए तो आप ही मेरा परिवार हैं. 130 करोड़ देशवासी, मेरा परिवार हैं.’

हर योजना के केंद्र में गरीब
मोदी ने कहा, हमारी सरकार की हर योजना के केंद्र में गांव और गरीब रहे हैं. आजादी के बाद, हमारी पहली ऐसी सरकार है जिसने गांवों के बारे में इतना सोचा है, इतना काम किया है.

पीएम मोदी ने कहा कि गांव में रहने वाले माताओं बहनों के लिए करोड़ों शौचालय बनाकर हमने उनकी पीड़ा कम की है. गांव में रहने वाली गरीब बहनों को हमने मुफ्त गैस कनेक्शन दिया है. गांव में रहने वाले हर गरीब के पास अपनी पक्की छत हो, इस पर भी हमारी सरकार काम कर रही है.

इलाज के लिए तड़पते रहे गरीब
बक्सर की रैली में बोलते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, ‘दशकों से गरीब पैसे के अभाव में बिना इलाज ही तड़पता रहा. इलाज के लिए घर-बार तक बिक जाता था, लेकिन ये महामिलावटी आपको झूठे नारे ही देते रहे. आपके इस सेवक ने इलाज की आपकी चिंता को समझा और इसी वजह से आज आयुष्मान भारत आपके सामने है.

विपक्ष की सोच में खोट
बिहार की आएजेडी और कांग्रेस पर प्रहार करते हुए मोदी ने कहा, ‘कांग्रेस हो या आरजेडी इनकी सोच में ही खोट है. ये 21वीं सदी के भारत को नहीं समझ सकते. ये बिहार को, देश को अंधेरे में ही रखना चाहते हैं. इनकी इस कोशिश के बीच, एनडीए का प्रयास, घर-घर को रोशन करने का है.’

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ‘एनडीए की सरकार ने अपनी एजेंसियों को, अपने सपूतों को खुली छूट दी. जिसके कारण आज देश के भीतर भी सफाई हो रही है और सीमापार भी. ये नया हिन्दुस्तान है, ये आतंकियों को घर में घुसकर मारता है.’

नक्सलियों के समर्थन में विपक्ष
मोदी ने कहा, ‘एक तरफ हम आतंकियों और नक्सलियों के खिलाफ सफाई अभियान में जुटे हैं, वहीं दूसरी तरफ महामिलावट वाले उनको बचाने में लगे हैं. ये लोग भारत के टुकड़े-टुकड़े करने की इच्छा रखने वालों को, पत्थरबाज़ों के समर्थकों को, नक्सलियों के समर्थकों को खुला लाइसेंस देना चाहते हैं.’

विपक्ष को महामिलावटी बताते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि ये महामिलावटी देश की अखंडता और सुरक्षा को दांव पर लगाने निकले हैं. इन्हें रोकना, हम सभी का कर्तव्य है.

सबका साथ सबका विकास मोदी मंत्र
मोदी ने कहा, ‘सबका साथ, सबका विकास हमारा मंत्र है और सबको सुरक्षा, सबको सम्मान हमारा प्रण. इसी लक्ष्य पर चलते हुए एनडीए ने हर वर्ग, हर क्षेत्र के विकास के लिए काम किया है. किसी भी वर्ग के हितों से छेड़छाड़ किए बिना, सामान्य वर्ग के गरीब परिवारों को 10% का आरक्षण इसी सोच का परिणाम है.’

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