क्या चंद्रग्रहण के दौरान खाया हुआ खाना जहर में बदल जाता है?

आज रात को सदी का सबसे लंबा चंद्रग्रहण लगने वाला है. चंद्रग्रहण के समय चंद्रमा बाकी दिनों के मुकाबले 14 फीसदी ज्यादा बड़ा और 30 फीसदी ज्यादा चमकदार हो जाएगा.

इस चंद्रग्रहण पर लोगों की नजरें टिकी हुई हैं. एक और जहां लोगों में इस अद्भुत नजारे को देखने का उत्साह है, तो वहीं कुछ लोगों के मन में इसको लेकर डर भी दिखाई दे रहा है.

हिंदू धर्म में माना जाता है कि चांद का मानव शरीर पर काफी प्रभाव पड़ता है. जाने-माने आध्यात्मिक गुरु सद्गुरु जग्गी वासुदेव ने अपने ब्लॉग में चंदग्रहण को लेकर अपने विचार प्रकट किए हैं. आइए जानते हैं उन्होंने चंद्रग्रहण के बारे में अपने ब्लॉग में क्या लिखा है.

सद्गुरु जग्गी वासुदेव ने अपने ब्लॉग में लिखा है कि चंद्रमा की साइकिल मानव शरीर को शारीरिक और मनोवैज्ञानिक तौर पर प्रभावित करती है. इससे इंसान की ऊर्जा पर भी असर पड़ता है.

उनका मानना है कि जो चीजें चंद्रमा के एक पूर्ण चक्र के दौरान यानी 28 दिनों में होती हैं, उन सभी चीजों की चंद्रग्रहण के 2-3 घंटे के अंदर सूक्ष्म रूप से घटित होने की संभावना होती है. ऊर्जा के अर्थों में पृथ्वी की ऊर्जा गलती से इस ग्रहण को चंद्रमा का एक पूर्ण चक्र समझ लेती है. पृथ्वी ग्रह में कुछ ऐसी चीजें घटित होती हैं, जिससे अपनी प्राकृतिक स्थिति से हटने वाली कोई भी चीज तेजी से खराब होने लगती है.

इन बदलाव के कारण अपनी प्राकृतिक स्थिति से हटने वाली चीजें जल्दी खराब होने लगती हैं. यही वजह है कि चंद्रग्रहण के दौरान पका हुआ खाना जहर में बदल जाता है.

लेकिन कच्चे फल और सब्जियां खा सकते हैं क्योंकि ये जैसी होती हैं, वैसी ही रहती हैं. जबकि भोजन पकने के बाद उसमें काफी बदलाव आ जाता है. बदलाव के कारण पौष्टिक भोजन जहर में बदल जाता है. बता दें, जहर आपकी जागरूकता को नष्ट कर देता है.

अब सवाल ये उठता है कि क्या आप कच्चे फल और सब्जियां खा सकते हैं क्योंकि वो जैसी होती हैं वैसी ही रहती हैं. तो बता दें, कि चंद्रग्रहण के दौरान कच्चे फल और सब्जियां भी आपकी सेहत को नुकसान पहुंचा सकती हैं. दरअसल, जैसी ही आप कच्चे फल या सब्जियां खाते हैं पेट में जाने के बाद उनमें से निकला हुआ जूस सेमी-कुक्ड फूड की तरह काम करता है, जो पके हुए खाने की तरह ही शरीर पर प्रभाव डालता है. इसलिए जग्गी वासुदेव ने अपने ब्लॉग के जरिए लोगों को चंद्रग्रहण के दौरान कुछ ना खाने की सलाह दी है.

इसके अलावा उन्होंने लिखा कि चंद्रग्रहण के समय देशभर के कई बड़े मंदिर बंद रहते हैं, जो चंद्रग्रहण खत्म होने पर शुद्धिकरण करने के बाद ही खुलते हैं.

आध्यात्मिक गुरु सद्गुरु जग्गी वासुदेव के अलावा बीएपीएस (BAPS) स्वामीनारायण संस्था ने भी चंद्रग्रहण के प्रभाव से बचने के लिए कुछ खास उपाय बताएं हैं. आइए जानें…

चंद्रग्रहण के शुरू होने के कम से कम से 9 घंटे पहले तक कुछ न खाएं. हालांकि, इस दौरान पानी पी सकते हैं.

चंद्रग्रहण से पहले भगवान को किसी भी तरह का प्रसाद न चढ़ाएं.

चंद्रग्रहण के दौरान बेहतर होगा कि अपना ज्यादा से ज्यादा समय प्राथना करने में गुजारें.

चंद्रग्रह के बाद ठंडे पानी से स्नान जरूर करें.

स्नान के बाद पूरी श्रद्धा के साथ गरीबों में दान करें.

चंद्रग्रहण के दौरान व्रत रखना फायदेमंद रहेगा.

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