केंद्रीय मंत्री से करोड़ों की ब्लैकमेलिंग मामले में समाजसेविका गिरफ्तार

 

 

केंद्रीय मंत्री से करोड़ों की ब्लैकमेलिंग मामले में समाजसेविका गिरफ्तार

केंद्रीय मंत्री डॉ. महेश शर्मा को ब्लैकमेल किए जाने के मामले में पुलिस ने आरोपी समाजसेवी ऊषा ठाकुर को गिरफ्तार कर लिया है. मामले में इससे पहले पुलिस एक लोकल निजी चैनल के सीईओ आलोक और महिला पत्रकार निशु उर्फ निशा को गिरफ्तार कर चुकी है.

नोएडा पुलिस के मुताबिक, ऊषा ठाकुर को डॉ. महेश शर्मा ब्लैकमेलिंग और स्टिंग के बारे में भी पूरी जानकारी शुरू से थी. वह खुद को बीजेपी कार्यकर्ता भी बताती है और कभी मंत्री महेश शर्मा के लिए चुनाव प्रचार भी कर चुकी हैं.

ऊषा ठाकुर नोएडा में सामाजिक कार्यकर्ता के तौर पर चर्चित शख्सियत मानी जाती हैं. आरुषि-हेमराज मर्डर केस में व‍ह  सुर्खियों में आई थीं.

पुलिस ने बताया कि मामले में शामिल आरोपियों से  पूछताछ के बादऊषा ठाकुर को आज सुबह उनके घर से गिरफ्तार किया गया है.  ठाकुर को कोर्ट में पेश किए जाने के बाद ज्यूडिशियल कस्टडी  में भेज दिया गया. गिरोह में शामिल एक अन्य सदस्य खालिद अभी फरार चल रहा है. जिसकी तलाश जारी है.

महिला पत्रकार की गिरफ्तारी के वक्त पुलिस ने कहा था कि कोई स्टिंग का वीडियो आरोपी के पास से बरामद नहीं हुआ. इस मामले में कुछ जवाब शुरु से उलझे हुए हैं जिसका खुलासा नोएडा पुलिस अभी तक नहीं कर रही है.

बता दें कि नोएडा से भारतीय जनता पार्टी(बीजेपी) के प्रत्याशी और केंद्रीय मंत्री डॉ महेश शर्मा से एक निजी चैनल की तथाकथित पत्रकार द्वारा ब्लैकमेलिंग का मामला सामने आया था. महेश शर्मा ने प्राइवेट चैनल में काम करने वाली एक महिला पत्रकार पर 2 करोड़ रुपए मांगने का आरोप लगाया था जिसके बाद पुलिस ने जाल ब‍िछाकर मंत्री के कैलाश हॉस्पिटल में पैसे मांगने गई महिला को हिरासत में लिया था.

पुलिस पूछताछ में सामने आया था कि आरोपी महिला ने महेश शर्मा के एक स्टिंग को वायरल करने की धमकी के एवज में 2 करोड़ रुपए की मांग की थी. पुलिस के मुताब‍िक, महेश शर्मा से ये आरोपी कारोबारी बनकर मिले थे और चुनाव में मदद करने की बात कही थी. इसके बाद कुछ दिन पहले महेश शर्मा को फोन कर उनके स्टिंग होने की बात कहकर दो करोड़ मांगे थे लेकिन महेश शर्मा ने इसे हल्के में लिया था.

उसके बाद निशु नाम की महिला एक चिट्ठी और टैब लेकर महेश शर्मा के दफ्तर पहुंची जिसमें 45 लाख रुपए तत्काल और बाकी कुल रकम 2 करोड़ रुपये दो दिन के अंदर देने की बात कही. इसके बाद ही तत्काल महेश शर्मा ने पुलिस बुला ली.

पुलिस ने महिला की तलाशी में एक स्टिंग डिवाइस बरामद की है. महिला के पास से टैब में वीडियो भी सामने आया हैं जिसमे महेश शर्मा के साथ बातचीत कर रहे थे लेकिन कुछ भी इसमें आप्पतिजनक नहीं मिला था.

पूछताछ में महिला ने बताया कि उसके गैंग में आलोक नाम का सरगना है, जो एक निजी चैनल पहले चलाता था और वह बंद हो गया था. गिरफ्तार की गई महिला ने बताया कि पिछले कुछ महीने में इससे पहले भी गैंग कई बड़े राजनीतिक नेताओं को ब्लैकमेल कर उगाही कर चुकी है.

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