इंदौर:संभ्रात परिवारों की महिलाओं और लड़कियों को तांत्रिक ऐसे देता था धोखा

 

 

 

 

इंदौर, । कोख भरने और बुरी आत्मा से छुटकारा दिलाने के नाम पर झांसेबाजी करने वाला तांत्रिक और उसका सहायक रिमांड पर है। उसने संभ्रांत परिवारों की महिलाओं और छात्र-छात्राओं को ठगना कबूला है। आरोपित हाथ की सफाई से मटकी में आग लगा देता था। लोटे से सुपारी उड़ा देता था। लोग उस पर विश्वास करने लगे तो उनसे उल्लू, बकरे और पूजन सामग्री के नाम पर हजारों रुपए ऐंठ लिए।

 

तुकोगंज टीआई पंकज द्विवेदी के मुताबिक बुधवार रात एमजी रोड स्थित स्टर्लिंग कॉम्प्लेक्स से फर्जी तांत्रिक शमीम खान निवासी शिव विहार करावल (दिल्ली) और उसके सहायक मयंक निवासी दोरोला (मेरठ) को गिरफ्तार किया। उसके खिलाफ नजीर खान सुपर पैलेस कॉलोनी (खजराना) की शिकायत पर धोखाधड़ी और मैजिकल रेमेडी एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया। नजीर ने पुलिस को बताया कि पत्नी की तबीयत खराब रहती थी। बेटी के बाद संतान नहीं रही थी।

अखबार में विज्ञापन देख कथित तांत्रिक शमीम को कॉल किया। सहायक मयंक ने ऑफिस में बुलाया और मुलाकात के 200 रुपए लिए। बिल्लौरी कांच से पत्नी का हाथ देख शमीम ने कहा कि कोख बांध रखी है। जादू-टोना भी कर रखा है। फिर समाधान के लिए 4660 रुपए जमा करवा लिए। शमीम ने एक ताबीज पहनाया। एक ताबीज सामने रखी मटकी में रख दिया। शमीम ने मटकी पर ढक्कन लगाया और जोर से धमका हुआ। उसने कहा कि आत्मा आ गई है। पत्नी से कहा कि आत्मा से बात करो। जिन 5 लोगों पर शक हो उसके नाम बताओ। जैसे ही पत्नी सवाल करती, मटकी हिलने लगती।

उसने आत्मा को छोड़ने के लिए दो उल्लू मांगे और 11,500 रुपए जमा करवा लिए। दूसरे दिन एक लोटा दिया। उसने फूंक मारकर सुपारी लोटे में रखी और मुंह लाल कपड़े से बांध दिया। दूसरे दिन नजीर ने लोटा देखा तो सुपारी गायब थी। शमीम ने कहा कि आत्मा दोबारा आ गई है। इसे भगाना पड़ेगा। उसने बकरे के लिए 6,500 रुपए मांगे। टीआई ने शमीम से जादू-टोने के बारे में पूछा तो कहा कि मटकी में बारूद भरा था।

हाथ की सफाई से आग लगा देता था। मटकी के नीचे चाकू रख दिया था। सवाल करते ही चाकू को पैर से हिला देता था। उसने सुपारी में फूंक तो मारी लेकिन लोटे में नहीं रखी। वह हाथ की सफाई से लोगों को ठग रहा था। उसने कोचिंग सेंटर, स्कूल और बस स्टैंड की दीवारों पर पर्चे भी चस्पा करवाए थे, जिसमें खोया हुआ प्यार, ग्रह बाधा, दुश्मन से छुटकारा आदि के इलाज का दावा किया था। कई छात्र-छात्राएं उससे मिलने आती थी। वह रोज हजारों रुपए ऐंठता था।

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