इंदोर:पति की दरिंदगी की शिकार महिला के शरीर से टू व्हीलर का हैंडल निकाला,दो साल से दर्द कर रही थी सहन

 

इंदौर। पति की हैवानियत की शिकार महिला को आखिरकार अब जाकर दर्द से राहत मिली। पत्नी 2 साल असहनीय पीड़ा से गुजर रही थी। दरअसल 2 साल पहले हैवान पति ने विवाद के बाद पत्नी के प्राइवेट पार्ट में टू व्हीलर का हैंडल डाल दिया था। इसके बाद एम वाय के 18 डॉक्टरों ने 4 घंटे तक चले जटिल ऑपरेशन के बाद हैंडल निकाला। फिलहाल महिला के लिए अगले 72 घंटे काफी महत्वपूर्ण हैं और वो पूरी तरह डॉक्टरों की निगरानी में है।

 

बता दें कि स्कीम नंबर 71 इंदौर निवासी महिला को पेट में असहनीय दर्द के चलते एम वाय अस्पताल में भर्ती किया गया था। एम वाय में गायनाकोलॉजिस्ट डॉ. सोमेन भट्टाचार्य के मार्गदर्शन में डॉ. आरके माथुर और विशेषज्ञ डॉ. सोनिया मोसेस के अलावा डॉ. शशि शंकर शर्मा, डॉ. सचिन वर्मा, डॉ. संकल्प जोशी, डॉ. अजय सोलंकी, डॉ. शाहरुख मेमन, डॉ. कृपा शंकर तिवारी, डॉ. दीपक शुक्ला, डॉ. प्रभु दयाल, डॉ. केके अरोरा, डॉ. पारुल जैन सहित 18 चिकित्सा सदस्यों की टीम ने करीब 4 घंटे तक चले ऑपरेशन के बाद महिला के शरीर से बाइक का हैंडल निकाला। डॉक्टरों के मुताबिक ऑपरेशन सफल रहा और महिला के शरीर से बाइक का हैंडल निकाला गया लेकिन महिला को 72 घंटे ऑब्जर्वेशन में रखा गया है। बता दें कि महिला के पति ने विवाद के बाद उसके गुप्तांग में बाइक का हैंडल डाल दिया था। ये हैंडल महिला के बच्चेदानी, मूत्र थैली व छोटी आंत तक पहुंच गया था।

 

इंदौर का एम वाय अस्पताल अव्यवस्थाओं के लिए तो कई बार सुर्खियों में रहता है, लेकिन डॉक्टरों के इस जटिल ऑपरेशन के बाद ये अस्पताल और इसके काबिल डॉक्टर फिर चर्चा में है।

ये थी घटना

आपको बता दें कि पीड़ित महिला अपने पति की बेवफाई से नाराज थी। उसे पति की दूसरी महिला से मेलजोल परे आपत्ति थी। इस पर पति-पत्नी में विवाद हुआ। पत्नी की रोकटोक पति को इतनी नागवार गुजरी कि उसने पत्नी को शराब पिलाकर उसके गुप्तांग में हैंडल डाल दिया। शर्म के कारण महिला ने ये घटना किसी को नहीं बताई और ऐसी ही हालत में महिला ने करीब 2 साल गुजारे। दर्द बढ़ने पर वो अस्पताल भी पहुंची, लेकिन पैसे के अभाव में वह लौट आई। कई बार उसने चंदन नगर थाने जाकर पति द्वारा मारपीट करने की बात भी बताई लेकिन पुलिस ने उसका मजाक बनाकर लौटा दिया। इस बीच इन्फेक्शन पूरे शरीर में फैल गया और उसका चलना-फिरना भी मुश्किल हो गया। दर्द असहनीय हुआ तो शनिवार को फिर हिम्मत जुटाकर वह थाने पहुंची। उसकी हालत देख महिला आरक्षक का दिल पसीजा और वो उसे अस्पताल ले गई। यहां उसे भर्ती कर विशेषज्ञ डॉक्टरों की देखरेख में ऑपरेशन करने का फैसला किया।

उधर चंदनगर थाने के प्रभारी राहुल शर्मा ने बताया कि महिला की शिकायत पर उसके पति प्रकाश उर्फ रामा भील निवासी स्कीम नंबर 71 झोपड़पट्टी के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है।

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महिला ने पुलिस को बताया कि उसने साल 2005 में प्रकाश से प्रेम विवाह किया था। दोनों की 5 बेटियां और एक बेटा है। पति बॉम्बे बाजार में बैंड वाले के यहां मजदूरी करता है। महिला ने बताया कि उसे पता चला कि पति का राधा नामक महिला से प्रेम प्रसंग चल रहा है और अधिकांश समय वो उसी के साथ बिताता है। इसे लेकर महिला ने विरोध जताया तो वह गाली-गलौज और मारपीट करने लगता। फिर उसने ये हरकत कर डाली।

कई अंग क्षतिग्रस्त

डॉक्टरों ने बताया कि हैंडल करीब 2 साल तक गुप्तांग के जरिए पेट में रहने से गर्भाशय क्षतिग्रस्त हो गया था। अंदर कई नसें भी कट गई थी। सोनोग्राफी और सीटी स्कैन में पता चला कि हैंडल गर्भाशय और पेट के बीच फंसा है। हैंडल की लंबाई करीब 15 सेमी और साढ़े 3 सेमी चौड़ाई और मोटाई थी।

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