आपकी सुविधा के लिए हैं ये कानून, क्या आप जानते हैं इनके बारे में…

नई दिल्ली। देश में ऐसे कई कानून हैं, जिनके बारे में हर भारतीय को पता होना चाहिए। समय के साथ कई नियमों और कानूनों में बदलाव होते रहे हैं, जो आम लोगों के फायदे के लिए बनाए गए हैं। मगर, अक्सर देखने में आता है कि आम लोगों को इनके बारे में जानकारी ही नहीं होती है।
भारतीय साराय अधिनियम, 1867 के तहत कोई भी व्यक्ति भारत के किसी भी होटल में निःशुल्क शौचालय की सुविधा मांग सकता है। इसके अलावा वह अपने और अपने पालतू जानवर के लिए पीने के पानी की मांग कर सकता है। हालांकि, इस कानून के बारे में अधिकांश लोगों को जानकारी नहीं है।

सुप्रीम कोर्ट के फैसले के तहत किसी भी महिला को सूर्यास्त के बाद और सूर्योदय से पहले गिरफ्तार नहीं किया जा सकता है। यदि पुलिस के पास लिखित दस्तावेज है, जिसमें इस बात का प्रमाण हो कि उक्त महिला को उसी समय गिरफ्तार करना क्यों जरूरी है, तभी महिला को गिरफ्तार किया जा सकता है।

उपरोक्त कानून में अधिक जानकारी देने के लिए यह जरूरी है कि आपराधिक प्रक्रिया संहिता, 1973 की धारा 51 के तहत किसी भी महिला को सिर्फ एक महिला पुलिस अधिकारी ही गिरफ्तार कर सकती है। ऐसा इसलिए किया गया है, ताकि महिला की गोपनीयता और शालीनता की सुरक्षा की जा सके।

 

भारत सरकार यह सुनिश्चित करने की दिशा में आगे बढ़ रही है कि हर समय महिला सुरक्षित और संरक्षित महसूस करे। वह किसी भी समय पुलिस से संपर्क करने के लिए खुद को सुरक्षित महसूस करे। लिहाजा साल 2013 में दिल्ली पुलिस ने घोषणा कि यदि कोई महिला शिकायत दर्ज कराने आती है, तो कोई भी पुलिसकर्मी उसकी शिकायत लिखने से इंकार नहीं कर सकता है। मामले की जांच महिला के बयान के आधार पर होगी न कि इस आधार पर कि उसने शिकायत कहां दर्ज कराई है।

महिला मंत्रालय ने कानून में हालिया बदलाव कर हाल ही में मां बनने जा रही महिलाओं को अधिक सुविधा मुहैया कराई है। मातृत्व लाभ अधिनियम 1961 के तहत किसी भी कारण से गर्भवती महिला को उसकी नौकरी से नहीं निकाला जा सकता है।

मॉरल पुलिसिंग के नाम पर कई लोग बिना कानून की जानकारी के ही समाज के ठेकेदार बनकर उतर आते हैं। उनकी जानकारी के लिए बता दें कि भारतीय दंड संहिता की धारा 294 में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि सार्वजनिक रूप से “अश्लीलता” करना अपराध की श्रेणी में रखा गया है, लेकिन इसमें चुंबन लेने या गले लगाने को लेकर कोई इशारा नहीं किया गया है।

होटल एसोसिएशन ऑफ इंडिया ने स्पष्ट रूप से कहा है कि ऐसा कोई नियम नहीं है, जो देश के किसी भी होटल में किसी अविवाहित जोड़ों को कमरे देने के रोकता हो। यानी यदि किसी लड़की या लड़के ने शादी नहीं की है, लेकिन वे किसी होटल में कमरा लेने के लिए जाते हैं, तो होटल उन्हें कमरा देने से इंकार नहीं कर सकता है।

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