अगर सावरकर देश के पहले प्रधानमंत्री होते तो पाकिस्तान का जन्म नहीं होता:उद्धव ठाकरे

मुंबई. शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने मंगलवार को मुंबई में विनायक दामोदर सावरकर को भारत रत्न देने की मांग की। उन्होंने कहा कि अगर वह देश के पहले प्रधानमंत्री बने होते तो पाकिस्तान कभी अस्तित्व में नहीं आता। उन्होंने कहा कि हम गांधी और नेहरू के कामों से इनकार नहीं करते हैं। यह कहना ठीक है कि महात्मा गांधी और जवाहरलाल नेहरू ने देश के लिए योगदान दिया, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि किसी और ने भी राष्ट्र के विकास में योगदान नहीं दिया।

ठाकरे ने वीर सावरकर की बायोग्राफी- ‘इकोज फ्रॉम अ फॉरगाटेन पास्ट’ के विमोचन पर कहा कि  हमारी सरकार आज हिंदुत्व की सरकार है और मैं वीर सावरकर के लिए भारत रत्न की मांग करता हूं। ठाकरे ने कहा कि लोकसभा चुनाव के दौरान जब राहुल गांधी ने सावरकर के खिलाफ बयान दिया, तो मैं पहला व्यक्ति था, जो यह कहता था कि राहुल गांधी बेकार हैं। इस किताब की एक प्रति राहुल को भी दी जानी चाहिए और उन्हें इसे पढ़ने के लिए कहा जाना चाहिए। राहुल गांधी ने कहा था कि नेहरू देश के लिए जेल में रहे थे। मैं उन्हें बताना चाहता हूं कि सावरकर 14 साल तक जेल में रहे और उन्होंने बहुत यातनाएं झेलीं। अगर नेहरू को 14 मिनट के लिए भी यही दर्द होता, तो मैं उन्हें वीर कहता।

सावरकर की जेल को पिकनिक स्पॉट में बदलना दुखद
ठाकरे ने यह भी कहा कि सावरकर को जिस जेल में रखा गया था, उसे ‘पिकनिक स्पॉट’ में बदल दिया गया है और यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा, ‘जेल लोगों के लिए एक पिकनिक स्थल बन गया है। लेकिन, लोगों को यह नहीं पता है कि सावरकर को जेल में अपने दिनों के दौरान क्या दर्द हुआ था।’

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